IIT Bombay के छात्र साहिल का लॉक्ड iPhone नहीं खुला, 18 सितंबर के 47 मिनट का राज तलाश रही क्राइम ब्रांच

Sahil Wakode Locked IPhone: IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में लॉक्ड iPhone चुनौती बना है। क्राइम ब्रांच फोन, लैपटॉप और CCTV से 18 सितंबर की घटनाओं का क्रम जोड़ रही है।
IIT Bombay Sahil Wakode Locked IPhone Crime Branch Probe
छात्र साहिल वाकोडे(सोर्स: AI)
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Sahil Wakode IIT Bombay Death Probe: मुंबई क्राइम ब्रांच IIT-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच में उसके लॉक्ड iPhone से डेटा हासिल करने की कोशिश कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फोन का पासकोड जांचकर्ताओं के पास नहीं है।

डिवाइस से डेटा मिलने पर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर फोन के इस्तेमाल और उसके बाद की गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। नए iPhone मॉडल से डेटा निकालने में जांच एजेंसियों को तकनीकी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

परीक्षा हॉल से 47 मिनट पर फोकस

जांच में 18 सितंबर की घटनाओं की टाइमलाइन को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध CCTV फुटेज के अनुसार, साहिल को परीक्षा के दौरान फोन इस्तेमाल करने के संदेह में परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा गया था।

इसके बाद परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल के CCTV फुटेज की मदद से उसकी गतिविधियों का क्रम तैयार किया जा रहा है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा हॉल से हॉस्टल लौटने के बीच क्या-क्या हुआ।

लैपटॉप और CCTV की भी हो रही जांच

क्राइम ब्रांच ने साहिल का लैपटॉप भी जांच के लिए लिया है। फोन और लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों को CCTV फुटेज तथा दर्ज किए गए बयानों के साथ मिलाया जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने संस्थान के छात्रों और स्टाफ समेत 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। IIT बॉम्बे की परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों और परीक्षा की निगरानी कर रहे शिक्षकों से भी पूछताछ की गई है।

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दूसरी एजेंसियों से मदद लेने पर विचार

नए iPhone से डेटा निकालने में आ रही तकनीकी दिक्कत के बीच क्राइम ब्रांच दूसरी एजेंसियों की विशेषज्ञता लेने पर भी विचार कर रही है। मुंबई पुलिस की जांच फिलहाल डिजिटल डिवाइस, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को जोड़कर 18 सितंबर की घटनाओं का क्रम तैयार करने पर केंद्रित है। जांच पूरी होने के बाद ही फोन से जुड़े संभावित सुराग और घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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