

Radhakrishna Sujay Vikhe Patil Remark: स्वीडन की संसद में सांसद चुनी गईं नीला विखे पाटील ने अपनी जीत को लेकर विखे परिवार की राजनीति पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने अपने चाचा व महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और उनके पुत्र सुजय विखे पाटिल पर हमला बोलते हुए कहा है कि मेरी जीत का श्रेय लेने की कोशिश न करें।
एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में नीला ने यह भी दावा किया कि पिछले दस वर्षों से इन दोनों से उनका कोई संपर्क नहीं है।
नीला विखे पाटील महाराष्ट्र राज्य के शिक्षाविद् डॉ. अशोक विखे पाटील की बेटी हैं। उनका जन्म स्वीडन में हुआ, जबकि बचपन का एक हिस्सा अहिल्यानगर में बीता। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई के साथ एमबीए किया और मैड्रिड की कॉम्प्लूटेंस यूनिवर्सिटी में भी अध्ययन किया।
नीला लंबे समय से स्वीडिश राजनीति में सक्रिय हैं और ग्रीन पार्टी से जुड़ी रही हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल में स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में वित्त, कर और आवास से जुड़े विषयों पर काम किया। बाद में वे स्टॉकहोम सिटी काउंसिल की सदस्य भी रहीं।
स्वीडन के हालिया राष्ट्रीय चुनाव में नीला विखे पाटील ने स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की। 13 सितंबर 2026 को हुए चुनाव के बाद वे स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद की सदस्य बनीं।
जीत के बाद विखे परिवार की ओर से उन्हें बधाई दी गई थी। हालांकि, बाद में सुजय विखे पाटील की टिप्पणी पर नीला ने प्रतिक्रिया दी और परिवार के साथ अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखा।
नीला विखे पाटील ने पार्टी बदलने के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वे ग्रीन पार्टी के साथ हैं और भविष्य में पार्टी नहीं बदलेंगी। मैं अपनी पार्टी कभी नहीं बदलूंगी, उन्होंने पार्टी बदलने को लेकर परिवार पर परोक्ष टिप्पणी की।