लाडली बहनों के पति और पिता का केवाईसी (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
मुंबई

लाडली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा, जुलाई की किस्त 'इस' तारीख को होगी जमा

Ladki Bahin Yojana: रक्षाबंधन पर कई बहनों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से खुशखबरी मिली है। लाड़की बहीन योजना की किश्त 8 अगस्त को महिलाओं के खातों में जमा की जाएगी।

आंचल लोखंडे

Maharashtra Government: रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर राज्य की लाखों महिलाओं को खुशखबरी मिली है। जुलाई महीने की सम्मान निधि (1500 रुपये) मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहीन योजना की सभी पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के मार्गदर्शन में लिया गया है।

रक्षाबंधन जैसे विशेष त्यौहार की पूर्व संध्या पर यह धनराशि उपलब्ध होने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। इस धनराशि से कई महिलाएं घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और त्यौहार के लिए ज़रूरी खरीदारी कर सकेंगी। इस वर्ष रक्षाबंधन 9 अगस्त को पड़ रहा है। इसलिए, लाड़की बहीन योजना की किश्त 8 अगस्त को महिलाओं के खातों में जमा की जाएगी।

रक्षाबंधन पर कई बहनों को सरकार की ओर से खुशखबरी

इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक्स पर पोस्ट करके यह जानकारी दी है। इससे रक्षाबंधन पर कई बहनों को सरकार की ओर से खुशखबरी मिली है। कई बहनों के लिए यह त्योहार मीठा होने वाला है।

सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम

इस योजना के अंतर्गत 21 से 65 वर्ष की आयु की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, निराश्रित महिलाएं और परिवार की एक अविवाहित महिला पात्र हैं। लाभार्थी महिला की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उसका बैंक खाता होना चाहिए। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम बनाना है, जिसके लिए उन्हें हर महीने सीधे उनके खाते में 1500 रुपये जमा करने होंगे।

धनराशि वितरण विवरण

'लाड़की बहीन' सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसके लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता है। जुलाई की किश्त का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए धनराशि का प्रबंधन करते हुए, सरकार ने यह राशि सामाजिक न्याय विभाग से हस्तांतरित करने का निर्णय लिया।

सामाजिक न्याय विभाग की योजनाओं पर असर?

सामाजिक न्याय विभाग की धनराशि मुख्यतः अनुसूचित जातियों, नव-बौद्धों और अन्य पिछड़े वर्गों के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए उपयोग की जाती है। इनमें छात्रवृति, छात्रावास योजनाएं, स्वाधार योजनाएं और कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं। अब इस विभाग से बड़ी मात्रा में धनराशि किसी अन्य योजना में स्थानांतरित करने से मूल योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लिए धन की उपलब्धता प्रभावित होने का डर है।

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