GST कलेक्शन से सरकार का भर रहा खजाना, जुलाई में ₹1.96 लाख करोड़ की कमाई

GST Collection: बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश 18 प्रतिशत, बिहार 16 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश 14 और पंजाब एवं हरियाणा 12-12 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। जीएसटी में सबसे अधिक योगदान महाराष्ट्र का रहा।
GST Collection July 2025
(कॉन्सेप्ट फोटो)
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GST Collection In July 2025: गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का जीएसटी कलेक्शन जुलाई में बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। यह ग्रोथ घरेलू लेनदेन और इंपोर्ट दोनों से प्राप्त रेवेन्यू में ग्रोथ के कारण हुई, जो स्थिर आर्थिक गतिविधि को दर्शाता है। हालांकि विकास की गति हाल के महीनों की तुलना में धीमी रही।

इस वर्ष अप्रैल और जुलाई के बीच ग्रॉस जीएसटी राजस्व 8.18 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 2024 की इसी अवधि के 7.39 लाख करोड़ रुपए से 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। जुलाई में कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन में केंद्रीय जीएसटी से 35,470 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी से 44,059 करोड़ रुपए, इंटीग्रेटेड जीएसटी से 1,03,536 करोड़ रुपए (आयात से 51,626 करोड़ रुपए सहित) और सेस से 12,670 करोड़ रुपए (आयात से 1,086 करोड़ रुपए सहित) शामिल थे।

अप्रैल में रिकार्ड स्तर पर पहुंची थी GST कलेक्शन

जुलाई लगातार सातवां महीना रहा, जिसमें टैक्स कलेक्शन 1.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा, लेकिन यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के 2.1 लाख करोड़ रुपए के औसत से कम था। अप्रैल में जीएसटी रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई थीं, जो मई में घटकर 2.01 लाख करोड़ रुपए रह गई। रिफंड के एडजस्टमेंट के बाद, जुलाई में नेट जीएसटी रेवेन्यू 1,68,588 करोड़ रुपए रहा, जो एक वर्ष पहले के 1,65,800 करोड़ रुपए से केवल 1.7 प्रतिशत अधिक है। यह मामूली वृद्धि रिफंड में 66.8 प्रतिशत की तेज ग्रोथ के कारण हुई, जो जुलाई 2024 में 16,275 करोड़ रुपए की तुलना में इस महीने 27,147 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। अप्रैल-जुलाई की अवधि में नेट जीएसटी राजस्व पिछले वर्ष के 6.56 लाख करोड़ रुपए से 8.4 प्रतिशत बढ़कर 7.11 लाख करोड़ रुपए हो गया। राज्यवार प्रदर्शन मिला-जुला रहा। छोटे पूर्वोत्तर राज्यों ने मजबूत वृद्धि दर्ज की, जिसमें त्रिपुरा 41 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद 26 प्रतिशत के साथ मेघालय, 23 प्रतिशत के साथ सिक्किम और 22 प्रतिशत के साथ नागालैंड का स्थान रहा।

बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश सबसे आगे

बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत, बिहार में 16 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 14 प्रतिशत और पंजाब एवं हरियाणा में 12-12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।जीएसटी में सबसे अधिक योगदान देने वाले राज्य महाराष्ट्र ने जुलाई में 30,590 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। कर्नाटक और तमिलनाडु में क्रमशः 7 प्रतिशत और 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गुजरात में 3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई।

यूपी में सात प्रतिशत की तेजी

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में राजस्व में गिरावट देखी गई। मणिपुर के जीएसटी संग्रह में 36 प्रतिशत, मिजोरम में 21 प्रतिशत और जम्मू-कश्मीर तथा चंडीगढ़ में 5-5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में क्रमशः 2 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी मजबूत रहीं, उत्पादन 16 महीने के उच्चतम स्तर 59.1 पर पहुंच गया, जिससे समग्र आर्थिक गति को बल मिला।

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