Maharashtra Politics Raj Thackeray BJP RSS Allegation: अयोध्या के राम मंदिर के चंदा चोरी मामले को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि 1400 करोड़ रुपये की चंदा चोरी हुई है, इसका हिसाब बीजेपी सरकार और आरएसएस को देना ही होगा।
साथ ही उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मिसिंग लिंक मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। राज ठाकरे गुरुवार को पार्टी के रेलवे वर्कर्स यूनियन के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1400 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आया है, लेकिन वास्तव में कितनी चोरी हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।
श्रद्धालुओं की ओर से श्रद्धा से दिया गया धन चोरी हो जाता है, तो क्या उस पर नहीं बोला जाना चाहिए? क्या यह देश धर्म विरोधी है? राम मंदिर में कहा जा रहा है कि धर्म का अपमान हुआ। बीजेपी के एक सांसद ने पहले इसका खुलासा किया था। लेकिन बाकी किसी ने कुछ नहीं कहा।
15 ट्रस्टियों में से 12 की नियुक्ति केंद्र सरकार करती है और वे 12 लोग आरएसएस और बीजेपी से जुड़े हैं। अगर किसी दूसरे दल की सरकार होती और यह चोरी होती तो बीजेपी और आरएसएस हंगामा खड़ा कर देते। उनकी सरकार है, इसलिए कहा जाता है कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
राज ने कहा कि साल 2008 में रेलवे भर्ती को लेकर मराठी युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन हुआ था। वह आंदोलन कभी मत भूलिए। आंदोलन के दौरान मुझ पर 110 केस दर्ज हुए थे और मुझे गिरफ्तार किया गया था। कई मनसे कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि महाराष्ट्र में रेलवे में भर्ती हो रही है, तो उसकी जानकारी महाराष्ट्र के अखबारों में क्यों नहीं आती?
वह उत्तर प्रदेश और बिहार के अखबारों में क्यों प्रकाशित होती है? रेलवे प्लेटफॉर्म भरे पड़े हैं, वहां कौन नौकरी कर रहे हैं? जब हमारे मनसे कार्यकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने गाली-गलौज की, इसके बाद विवाद शुरू हुआ।
उस समय रेलवे मंत्री लालू यादव थे। बाद में फैसला आया कि रेलवे भर्ती परीक्षा स्थानीय मातृभाषा में भी दी जा सकती है। इसके बाद हजारों मराठी युवाओं को नौकरी मिली। आज जब फोन उठाते हैं तो मराठी भाषा सुनाई देती है, यह मनसे के संघर्ष का परिणाम है। कोई भी भाषा खराब नहीं होती, लेकिन उसे जबरन थोपा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने भूमिपुत्रों को अलर्ट रहने की सलाह दी।
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राज ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधान सभा में कहा कि मिसिंग लिंक के मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि अगर उनके कामकाज पर सवाल उठाए जाए, तो उसे राजनीति क्यों कहा जाता है? अगर विपक्ष सवाल पूछे, तो क्या वह राजनीति हो जाती है? यदि हम आपके काम का विरोध करे, तो मुख्यमंत्री यह आरोप क्यों लगाते है कि हम राजनीति कर रहे हैं? मिसिंग लिंक के मुद्दे पर बोलने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो गया?
मुख्यमंत्री फडणवीस का हिंदी में दिया गया भाषण राज्य के विधायकों के लिए था या दिल्ली में बैठे शीर्ष नेताओं के लिए, मुख्यमंत्री को कहना चाहिए था कि मैं इस पर ध्यान दूंगा। आपने देख लेने की बात कही। आप एक सभ्य महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री है, आपने कौन सी भाषा गढ़ी है।
महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है, आपको उस पर ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने देख लूंगा कि भाषा बोली, राज्य को सभ्य मुख्यमंत्री की जरूरत है। एक मंत्री कहते हैं कि मिसिंग लिंक की घटना प्राकृतिक है।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के मुद्दे पर राज ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्री गडकरी इथेनॉल के फायदे बता रहे हैं, जबकि इस विषय पर पेट्रोलियम मंत्री को बोलना चाहिए, लेकिन वे कुछ नहीं बोल रहे हैं। किसका काम कौन कर रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा। जिसकी सरकार होगी, उससे सवाल पूछे जाएंगे। बीजेपी की सरकार है, तो गलती करने पर हम जरूर बोलेंगे।