मुंबई पुलिस ने जब्त किए मोबाइल फोन और अन्य सामान सोर्स: सोशल मीडिया
मुंबई

IIT, B.Tech में एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी, 5 इंजीनियरों समेत 10 आरोपी गिरफ्तार; लग्जरी गाड़ियां जब्त

Engineering Admission Scam: मुंबई पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में NRI और मैनेजमेंट कोटे से फर्जी एडमिशन कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 5 बीटेक पास इंजीनियर हैं।

आकाश मसने

Powai Engineering Admission Gang Busted: देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन पाने की चाहत रखने वाले छात्रों और उनके परिवारों को ठगने वाले एक शातिर और हाई-टेक गैंग का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई की पवई पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में इस धोखाधड़ी करने वाले गैंग के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग बहुत पढ़े-लिखे हैं, जिनमें से 5 तो खुद B.Tech पास इंजीनियर हैं। पुलिस ने उनके पास से 1 रुपए करोड़ से ज्यादा कीमत का इलेक्ट्रॉनिक सामान और लग्जरी चीजें भी बरामद की हैं।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए DCP दत्ता नलावडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पवई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।

जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे और लोगों को देश भर के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में NRI या मैनेजमेंट कोटे के तहत कन्फर्म एडमिशन दिलाने का झूठा वादा करके लुभाते थे।

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि पूरा नेटवर्क पुणे से चलाया जा रहा था। गैंग ने शहर में दो पूरी तरह से काम करने वाले कॉल सेंटर बनाए थे। जानकारी की पुष्टि होने पर, पवई पुलिस ने पुणे में दोनों कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पीड़ितों को हैदराबाद और दिल्ली ले जाकर देते थे चकमा

मुंबई पुलिस के मुताबिक, ये जालसाज दिल्ली, हैदराबाद और देश के अन्य बड़े शहरों में स्थित संस्थानों में एडमिशन का दावा करते थे। विश्वास जीतने के लिए ये ठग पीड़ितों को फ्लाइट से संबंधित शहरों में ले जाते थे। एक मामले में ये एक पीड़ित को एडमिशन प्रक्रिया के नाम पर हैदराबाद ले गए थे और वहां फर्जी तरीके से कागजी कार्रवाई कर उसे भरोसा दिलाया था कि उसका एडमिशन हो गया है। यह गिरोह साल 2024 से लगातार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।

मास्टरमाइंड बिहार का, लग्जरी गाड़ियां बरामद

गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में चार बिहार से, चार उत्तर प्रदेश से, एक झारखंड और एक हरियाणा का रहने वाला है। ज्यादातर आरोपियों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है। इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बिहार का रहने वाला 35 वर्षीय सोनू कुमार है।

मुंबई पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन, कई लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं। इसके अलावा इनकी ठगी की कमाई से खरीदी गई जगुआर, BMW और मारुति सुजुकी एस-क्रॉस जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। इनमें से कुछ वाहन आरोपियों के दोस्तों के नाम पर रजिस्टर्ड पाए गए हैं।

पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने छात्रों को अपना शिकार बनाया है और उन्होंने ठगी की कुल कितनी रकम जमा की है।

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