Ajit Pawar Sunetra Pawar MSCB Scam Verdict (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

MSCB घोटाला: बॉम्बे हाई कोर्ट की मुहर, अजित पवार और सुनेत्रा पवार समेत 70 को मिली परमानेंट क्लीन चिट

MSCB Bank Scam Clean Chit: बॉम्बे हाई कोर्ट ने MSCB घोटाले में अजित पवार और सुनेत्रा पवार समेत 70 लोगों को क्लीन चिट दी। अन्ना हजारे और ईडी की याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

अनिल सिंह

Ajit Pawar Sunetra Pawar MSCB Scam Verdict: महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कई वर्षों से तूफान मचाने वाले महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले में शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के साथ ही दिवंगत नेता अजित पवार, वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और विधायक रोहित पवार समेत सभी 70 आरोपियों को मिली 'क्लीन चिट' पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।

यह फैसला महायुति सरकार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि विपक्षी दल लगातार इस घोटाले को लेकर सरकार और पवार परिवार पर हमलावर थे।

अन्ना हजारे और ईडी की आपत्तियां खारिज

MSCB घोटाला मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति याचिका दायर की थी, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हस्तक्षेप याचिका के जरिए मामले की पुनर्जांच की मांग की थी। ईडी का तर्क था कि बैंक के पैसों के हेरफेर में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता संकेत हैं। हालांकि, न्यायमूर्ति की पीठ ने दोनों याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ईओडब्ल्यू की जांच में किसी भी प्रकार के आपराधिक कृत्य या धोखाधड़ी के सबूत नहीं मिले हैं। अदालत के इस रुख के बाद ईडी की जांच का आधार भी अब लगभग समाप्त हो गया है।

क्या था MSCB घोटाला?

यह पूरा विवाद साल 2007 से 2011 के बीच का है। आरोप था कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के तत्कालीन निदेशक मंडल ने नियमों को ताक पर रखकर कई सहकारी चीनी कारखानों और कताई मिलों को करोड़ों रुपये के ऋण आवंटित किए थे। जब ये कारखाने कर्ज नहीं चुका पाए और एनपीए (NPA) बन गए, तो उन्हें कथित तौर पर कम कीमतों पर नीलाम कर दिया गया। आरोप लगाया गया कि इन कारखानों को निदेशकों के रिश्तेदारों और करीबियों ने ही बहुत सस्ती दरों पर खरीद लिया, जिससे बैंक और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

राजनीतिक गलियारों में 'क्लीन चिट' की गूंज

इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। सत्ताधारी दलों ने इसे "सत्य की जीत" बताया है, वहीं रोहित पवार और सुनेत्रा पवार के समर्थकों ने इसे न्याय की जीत करार दिया। गौरतलब है कि इस मामले में क्लीन चिट मिलने से सुनेत्रा पवार की राजनीतिक स्थिति और भी मजबूत हो गई है, जो वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के रूप में अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। अदालत ने साफ किया कि प्रशासनिक त्रुटियों को हमेशा आपराधिक षड्यंत्र नहीं माना जा सकता।

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