पीएम मोदी और पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो वायरल! (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

CJP प्रदर्शनकारियों को फांसी! PM मोदी और पीयूष गोयल के फर्जी वीडियो के खिलाफ बड़ा एक्शन, मुंबई में FIR

PM Modi And Piyush Goyal AI Video: पीएम मोदी और मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी AI मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुंबई में एफआईआर दर्ज की है।

अनिल सिंह

PM Modi And Piyush Goyal Morphed Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी व एडिटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भारतीय जनता पार्टी के एक सोशल मीडिया पदाधिकारी की शिकायत के आधार पर नोडल साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोप है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल एडिटिंग का दुरुपयोग कर संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं की छवि धूमिल करने और जनता को भड़काने की साजिश रची गई है।

'महाराष्ट्र धर्म' पेज से शेयर हुआ एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो

शिकायतकर्ता के अनुसार, 'महाराष्ट्र धर्म' नामक फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया हैंडल से एक विवादास्पद वीडियो क्लिप पोस्ट की गई थी। इसके कैप्शन में सनसनीखेज दावा किया गया था कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की बात कही है।

जब शिकायतकर्ता ने इस क्लिप का मिलान प्रामाणिक समाचार एजेंसी द्वारा जारी किए गए मूल वीडियो से किया, तो स्पष्ट हुआ कि वीडियो को एआई (AI) टूल या डिजिटल छेड़छाड़ के जरिए तैयार किया गया है।

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक सामग्री व गाली-गलौज वाले पोस्ट फ्लैग

दर्ज एफआईआर में केवल पीयूष गोयल का मॉर्फ्ड वीडियो ही नहीं, बल्कि कई अन्य आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट भी शामिल हैं। शिकायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक एडिट की गई तस्वीर, इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया एक विवादास्पद वीडियो और पीएम के खिलाफ अभद्र व गाली-गलौज वाली सामग्री वाले अन्य वीडियो का उल्लेख किया गया है।

पुलिस का मानना है कि इन पोस्ट्स का मुख्य उद्देश्य जनता में असंतोष फैलाना, भ्रामक जानकारी देना और संवैधानिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाना है।

बीएनएस और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336, 352, 353(1), 353(2), 356(1), 356(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66(D) व 67 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स के आईपी एड्रेस और एडमिन की तलाश में जुट गई है, जिन्होंने इस फर्जी सामग्री को बनाया और अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया।

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