पेट्रोल पंप यूपीआई एमडीआर शुल्क विरोध सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

UPI से नहीं देंगे पेट्रोल महाराष्ट्र, MP और हरियाणा में पम्प संचालकों ने दी चेतावनी

Petrol Pump UPI: ₹2,000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 0.4% एमडीआर शुल्क के विरोध में पेट्रोल पंप डीलरों ने अक्टूबर से यूपीआई बंद करने और व्यापारियों ने 23 सितंबर को नो-यूपीआई डे की चेतावनी दी।

रूपम सिंह

Mumbai Petrol Pump UPI Payment: मुंबई के पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर 0.4% या 5 रुपये एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क लागू करती है तो वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे। डीलर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से पेट्रोल खुदरा विक्रेताओं (ईंधन व्यापारियों) को संशोधित एमडीआर शुल्क से पूरी तरह से बाहर रखने की मांग की है।

पेट्रोल पम्प मालिकों का कहना है कि उन्हें प्रति लीटर जो कमीशन (लगभग 2.40 से 3.40 रुपये) मिलता है, वह बहुत कम है।

ऐसे में यूपीआई पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क देना संभव नहीं है। यदि सरकार यह मांग नहीं मानती है तो डीलरों को यूपीआई सुविधा बंद करनी होगी और केवल नकद लेन-देन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

व्यापारियों का पोस्टर अभियान, ढके जाएंगे स्कैनर

कपड़ा बाजार में भी इस फैसले का विरोध तेज हो गया है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने दुकानों पर पोस्टर लगाने का अभियान शुरू किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन पर 0.4% एमडीआर लगाने से व्यापार लागत बढ़ेगी।

इसका असर अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा और सामान महंगा हो जाएगा। व्यापारी 23 सितंबर को डिजिटल पेमेंट पूरी तरह बंद रखेंगे और दुकानों पर साउंड बॉक्स व स्कैनर को काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराया जाएगा

हर माह 8 करोड़ का बोझ

एक पम्प पर असर औसतन रोजाना 100 ऐसे ट्रांजेक्शन होने से एक मुंबई पेट्रोल पम्प पर हर महीने करीब 17,400 रुपये का अतिरिक्त वितीय भार पड़ेगा। पूरे राज्य में नुकसान प्रदेश के सभी 4,700 पम्पों को मिलाकर यह राशि हर महीने लगभग 8.17 करोड़ रुपये बैठती है।

एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कहा कि पेट्रोल पंप पहले ही बहुत कम मार्जिन पर काम करते हैं। उन्होंने मांग की कि इस शुल्क का भार आम डीलरों के बजाय पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा वहन किया जाना चाहिए।

16 अक्टूबर से 2,000 से अधिक बिल पर भुगतान नहीं

मध्य प्रदेश और हरियाणा में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) और फीस लगाए जाने के फैसले के खिलाफ पेट्रोल पम्प संचालकों और व्यापारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।

मध्य प्रदेश पेट्रोल पम्प डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के बिल पर यूपीआई से भुगतान न लेने की घोषणा की है।

18% मिलाकर ₹5.90 ट्रांजेक्शन का खर्च

इंदौर के कपड़ा व्यापारियों ने विरोध में पोस्टर अभियान शुरू किया है और 23 सितंबर को 'नो-यूपीआई डे' मनाने का फैसला लिया है।

मप्र पेट्रोल पम्प डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 4,700 पेट्रोल पम्प हैं। 5 रुपये एमडीआर और 18% जीएसटी मिलाकर कुल 5.90 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का खर्च आएगा।

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