Narendra Bhondekar Claim Eknath Shinde Become CM Again: महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' ने अब राज्य के भावी नेतृत्व और महायुति के शक्ति संतुलन को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों में मची भगदड़ के बीच, शिंदे गुट के निर्दलीय विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया है जिससे राज्य की सियासत में हड़कंप मच गया है।
भोंडेकर ने दावा किया है कि इस नए दलबदल के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कद और सौदेबाजी की ताकत (Bargaining Power) इतनी बढ़ जाएगी कि वे भविष्य में फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे, जबकि मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली जाकर देश की राजनीति का नेतृत्व करेंगे। शिवसेना के स्थापना दिवस (19 जून) से ठीक दो दिन पहले आए इस बयान ने महायुति के भीतर भी आंतरिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने महायुति के भविष्य के नेतृत्व का खाका खींचते हुए कहा, "ऑपरेशन टाइगर के सफल होने से एकनाथ शिंदे साहब की राजनीतिक ताकत में भारी इजाफा होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य का संचालन बहुत अच्छे से कर रहे हैं और उनमें अद्भुत क्षमता है। लेकिन भविष्य में जब फडणवीस जी अपनी सहमति देंगे, तब वे दिल्ली जाकर देश का नेतृत्व करेंगे और एकनाथ शिंदे एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कमान संभालेंगे।" भोंडेकर के इस बयान से साफ है कि शिंदे गुट इस बगावत के जरिए आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा मजबूत कर रहा है।
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उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोलते हुए भोंडेकर ने कहा कि 'मातोश्री' में नेताओं को वह सम्मान और संतुष्टि नहीं मिल रही है, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने दावा किया, "हमारा ऑपरेशन कोई एक दिन का खेल नहीं है, यह साल के 365 दिन चलता है। असल बात यह है कि उद्धव ठाकरे अपने मौजूदा विधायकों और सांसदों को संभाल ही नहीं पा रहे हैं। अभी आधिकारिक रूप से यह कहना जल्दबाजी होगी कि कितने लोग आ रहे हैं, लेकिन मैं इतना संकेत जरूर दे सकता हूँ कि एक को छोड़कर उद्धव गुट के बाकी सभी सांसद हमारे साथ जुड़ रहे हैं। जो भी हमारी पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखकर आ रहा है, उसका दिल से स्वागत है।"
संजय राउत द्वारा बागी सांसदों पर लगाए गए '15-15 करोड़ रुपये' के आरोप को नरेंद्र भोंडेकर ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और राउत केवल अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने के लिए हताशा में ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। भोंडेकर ने हंसते हुए कहा, "ठाकरे की जो दूसरी टीम (रणनीतिकार) है, वो बिल्कुल अच्छी नहीं है। उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। आज जो हालात हैं, उसे देखकर मुझे लगता है कि भविष्य में संजय राउत खुद भी सब कुछ छोड़कर एकनाथ शिंदे के साथ आ जाएंगे।" उन्होंने याद दिलाया कि साल 2022 में जो इतिहास रचा गया था, वही इतिहास इस बार लोकसभा सांसदों के स्तर पर दोहराया जा रहा है।