

Operation Tiger Impact On Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से ठीक पहले उद्धव ठाकरे को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब तक का सबसे बड़ा झटका देने की तैयारी में हैं। उद्धव गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसद बगावत कर दिल्ली पहुंच चुके हैं।
महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और शिवसेना शिंदे गुट प्रमुख एकनाथ शिंदे भी दिल्ली रवाना हो गए। वहीं उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सांसद आज यानी बुधवार को स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं।
एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे मंगलवार शाम लीगल टीम के साथ दिल्ली पहुंचे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि 19 को जून को आने वाले शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से पहले डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की तरफ से उद्धव ठाकरे को ये झटका दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात साढ़े 9 बजे एकनाथ शिंदे स्पेशल प्लेन से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए। कैसे स्पीकर के साथ संपर्क करना है और क्या लीगल कार्रवाई है? इस पर श्रीकांत शिंदे के साथ बैठक में बातचीत होगी। बगावत करने वाले 6 सांसद अपना समर्थन शिवसेना शिंदे गुट को देंगे। शिंदे इन सांसदों के साथ बुधवार को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक जरूरी पत्र सौंपा। इस पत्र में स्पीकर से औपचारिक रूप से अनुरोध किया गया है कि वे सदन में शिवसेना का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी कथित अलग हुए गुट को कोई अलग मान्यता, दर्जा या विशेषाधिकार न दे। पत्र में कहा गया है कि पार्टी एक एकजुट इकाई बनी हुई है और मांग की गई है कि बिना सुनवाई के बैठने की व्यवस्था या मान्यता में कोई बदलाव न किया जाए।
दरअसल, बगावत का पूरा खेल आंकड़ों का था। 9 में से 6 सांसद अगर अलग होते हैं तो दल बदल का कानून लागू नहीं होगा। लीगल टीम दांव-पेंच पर काम कर रही थी। इधर ऑपरेशन टाइगर यानी उद्धव ठाकरे गुट में टूट की आशंका को देखते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत और सांसद अनिल देसाई आनन फानन में मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंच गए हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी ने डैमेज कंट्रोल का काम राउत को सौंपा है।