शशिकांत शिंदे (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

अभी और भड़केगा NEET आंदोलन! शरद पवार गुट हुआ आक्रामक, कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने के आदेश

NEET Protest NCP Sharad Pawar Group: नीट पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में शरद पवार गुट के शशिकांत शिंदे ने कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने का आदेश दिया।

अनिल सिंह

NCP Sharad Pawar Group On NEET Protest: देश भर के करोड़ों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जारी जन-आक्रोश अब और अधिक रौद्र रूप धारण करने वाला है। संसद के मानसून सत्र के बीच इस संवेदनशील मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने बेहद आक्रामक और कड़ा राजनीतिक रुख अपना लिया है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सड़कों पर उतरने और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन करने का फरमान जारी कर दिया है। शिंदे ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के सभी सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और फ्रंटल सेल के नेता इस राज्यव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

20 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या और लाठीचार्ज लोकतंत्र पर धब्बा

प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने प्रेस को संबोधित करते हुए भावुक और आक्रामक लहजे में कहा कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और परिणाम में हुई धांधली के कारण निराश होकर अब तक देश भर में 20 से अधिक निर्दोष होनहार छात्र आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर हो चुके हैं।

उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो छात्र अपने अधिकार और न्याय पाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, उन पर दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया क्रूर, बर्बर और अमानवीय लाठीचार्ज भारतीय लोकतंत्र पर एक काला कलंक है। एक संवेदनशील और जिम्मेदार सरकार होने के नाते केंद्र को तुरंत छात्रों की बात सुननी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट युवाओं को सड़कों पर पीटा गया।"

अन्याय के खिलाफ खड़ा होना नैतिक फर्ज

शशिकांत शिंदे ने पार्टी कैडर और नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि जब देश के भविष्य यानी युवाओं के साथ इस प्रकार का शर्मनाक और तानाशाह रवैया अपनाया जा रहा हो, तो चुप रहना अपराध के समान है। उन्होंने कहा, "एक जन प्रतिनिधि और सजग नागरिक के तौर पर पीड़ितों और छात्रों के साथ चट्टान की तरह खड़ा होना हमारा नैतिक दायित्व है। भावी पीढ़ी के सपनों को रौंदने वाली इस निर्दयी और घमंडी व्यवस्था को बेनकाब करना ही होगा।"

शिंदे ने अपनी पार्टी की सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर जिला मुख्यालयों, तहसीलों और प्रमुख चौराहों पर दमनकारी नीतियों के खिलाफ विरोध रैलियां और धरना प्रदर्शन आयोजित करें।

राहुल गांधी के प्रदर्शन के बाद बदला सियासी माहौल

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग के बाद पूरे देश का माहौल गर्मा गया है। इस घटनाक्रम के विरोध में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर सड़क पर बैठकर सीधी नाकेबंदी और विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर शाम को छोड़ा था।

फिलहाल, सीजेपी और तमाम विपक्षी राजनीतिक दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे और नीट परीक्षा के पूर्ण निष्पक्ष पुनर्गठन की मांग को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह आंदोलन और विकराल रूप ले सकता है।

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