Mumbai Congress Protest ED Office: नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के हालिया फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने हमलावर रुख अपना लिया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पर एक विशाल 'धडक मोर्चा' निकाला।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार की कथित "तानाशाही" और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सांसद वर्षा ने ईडी और बीजेपी पर साजिश के तहत साजिश के तहत गांधी परिवार को बदनाम करने का आरोप लगाया।
सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि ईडी पूरी तरह से नरेंद्र मोदी सरकार के इशारों पर काम कर रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूछताछ के नाम पर केवल प्रताड़ित करने के उद्देश्य से फंसाया गया था।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि न्यायालय का फैसला आने के बाद अब यह साफ हो गया है कि भाजपा ने राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की साजिश रची थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस अपमान के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। वर्षा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस नेतृत्व को इसी तरह परेशान करने की कोशिश की गई तो पार्टी का हर कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर ईंट का जवाब पत्थर से देगा।
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मोर्चे को रोकने के लिए पुलिस ने भारी बंदोबस्त किया था। जब प्रदर्शनकारी ईडी दफ्तर की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। बाद में पुलिस ने वर्षा गायकवाड, पूर्व मंत्री असलम शेख और अन्य वरिष्ठ नेताओं सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और कुछ समय बाद रिहा कर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. ज्योति गायकवाड, सचिन सावंत (सचिव, एआईसीसी), प्रवक्ता सुरेश चंद्र राजहंस, जिलाध्यक्ष रविकांत बावकर, केतन शाह, भावना जैन और फरहान आजमी समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को कवर करने के दौरान पत्रकारों को पुलिस के गुस्से का सामना करना पड़ा। आला अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों के साथ अनावश्यक धक्का मुक्की की। इस दौरान महिला पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की गई।