Maharashtra Drought Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने 358 में से 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। इसी बीच कांग्रेस नेता नाना पटोले ने दावा किया कि राज्य का 99% हिस्सा सूखे की चपेट में है।
उन्होंने सभी प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामा, संपूर्ण कर्जमाफी और आर्थिक सहायता की मांग की।
मुंबई, नवभारत न्यूज नेटवर्क. महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पटोले ने दावा किया कि सरकार भले ही करीब 75% क्षेत्र में सूखा घोषित कर रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति 99% क्षेत्र में सूखे जैसी है। उन्होंने शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी तत्काल पंचनामा कराने और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग की।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 26 सितंबर को 358 में से 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। यह राज्य की करीब 74–75% तहसीलों को कवर करता है। सरकार ने इन क्षेत्रों में फसल नुकसान के पंचनामे कराने के निर्देश भी दिए हैं।
पटोले ने कहा कि इस वर्ष राज्य में भयावह सूखे की स्थिति है। उनका दावा है कि कर्नाटक सरकार ने करीब एक महीने पहले ही किसानों के लिए मदद की घोषणा कर दी थी, जबकि महाराष्ट्र में किसानों को राहत देने में देरी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस दौरान जिन किसानों ने आत्महत्या की, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने सरकार से केवल कर्जमाफी ही नहीं, बल्कि किसानों के पूरे वर्ष के गुजारे के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग भी की।
पटोले ने कहा कि सूखे से प्रभावित जिन क्षेत्रों को अभी सरकारी दायरे में नहीं लिया गया है, वहां भी तत्काल फसल नुकसान का आकलन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसानों को राहत देने के लिए पंचनामे जल्द पूरे किए जाएं और सहायता में देरी नहीं होनी चाहिए।
वहीं सरकार की ओर से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पंचनामे की प्रक्रिया शुरू की गई है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि 265 सूखाग्रस्त तहसीलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंचनामे किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वादे पूरे होने के दावे को लेकर भी पटोले ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जनता से किए गए 99% वादे पूरे नहीं किए हैं। पटोले ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से सार्वजनिक रूप से सरकार के पूरे किए गए वादों का हिसाब देने को कहा।
पटोले की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राज्य सरकार ने सूखा राहत की निगरानी के लिए राजस्व मंत्री बावनकुले की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की है।