

Road Accident Deaths In Pune: पुणे, मेट्रो, फ्लाईओवर, संकरी सड़कें और लगातार बढ़ते वाहनों के कारण पुणे की यातायात व्यवस्था का चेहरा तेजी से बदल रहा है। हालांकि, सड़क सुरक्षा का सवाल अब भी जस का तस बना हुआ है।
जनवरी 2022 से 18 अगस्त 2026 तक शहर में 6,400 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 1,797 लोगों की जान गई यानी इस अवधि में औसतन हर 28 घंटे में एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हुई। यह आंकड़ा बताता है कि पुणे की सड़कों पर हादसों के साथ-साथ उनमें होने वाली मौतों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है।
पुणे शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी ज्यादा है। सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल अपेक्षाकृत सीमित होने के कारण निजी वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
शहर में मेट्रो सेवा शुरू होने के बावजूद सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होता दिखाई नहीं दे रहा है। इसके चलते प्रमुख चौकों, हाईवे, फ्लाईओवर के संपर्क मार्गों और उपनगरों की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है।
तेज रफ्तार, गलत तरीके से ओवरटेक करना, सिग्नल तोड़ना, अचानक लेन बदलना तथा हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके अलावा खतरनाक मोड़, अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट, खराब सड़कें और यातायात नियोजन की खामियां भी हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।
विशेष रूप से रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों की गंभीरता बढ़ जाती है। पुणे पुलिस के अनुसार, इन हादसों में दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
पुणे में प्रतिदिन करीब 9 से 9.5 हजार नए वाहन सड़कों पर जुड़ रहे हैं। वाहनों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उस अनुपात में सड़कों की क्षमता, यातायात नियोजन और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
2026 में 18 अगस्त तक 683 हादसों में 196 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे वर्ष के अंत तक हादसों और मृतकों की संख्या को लेकर चिंता बढ़ गई है।
2026 के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इस वर्ष अब तक प्रतिदिन औसतन दो से अधिक सड़क हादसे हुए हैं और लगभग हर 30 घंटे में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
पुणे शहर के कुछ हिस्सों में बने ब्लैक स्पॉट' भी सड़क सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए है। इन स्थानों पर हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर उपाय योजनाएं शुरू की है।
ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्यों के साथ यातायात जाम की समस्या दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में 349 लोगों की मौत हुई, जो इस अवधि में सबसे अधिक है। इसके बाद 2024 में 345 और 2025 में 302 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। वहीं, 2026 में 18 अगस्त तक ही 196 लोगों की मौत हो चुकी है।
शहर में गंभीर और मामूली सहित विभिन्न प्रकार के सड़क हादसों का आंकड़ा भी चिंताजनक है। 2023 में 1,230, 2024 में 1,403 और 2025 में 1,392 हादसे दर्ज किए गए। इस वर्ष 18 अगस्त तक 683 हादसे हो चुके हैं। हादसों के साथ होने वाली मौतें और गंभीर चोटें पुणे की यातायात व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं।
अक्षय फाटक नवभारत।