Maharashtra Sunetra Pawar Notice Controversy: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को राकांपा के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह की ओर से रिमाइंडर नोटिस भेजे जाने के बाद पार्टी के भीतर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इसी मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले ने बड़ा दावा करते हुए राकां में भाजपा के 'स्लीपर सेल' के सक्रिय होने की आशंका जताई है। पटोले के बयान से महाराष्ट्र की सियासत में नया विवाद छिड़ गया है।
सच्चिदानंद सिंह ने 17 अगस्त को सुनेत्रा पवार को रिमाइंडर नोटिस भेजी है। इससे पहले 9 जुलाई को उन्होंने कानूनी नोटिस भेजी थी, जिसका 15 दिनों के भीतर जवाब नहीं मिलने के कारण यह रिमाइंडर जारी किया गया। सिंह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर सुनेत्रा पवार के चुनाव को ही चुनौती दी है।
सच्चिदानंद सिंह का दावा है कि 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार का राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में किया गया चुनाव पार्टी के संविधान के अनुरूप नहीं था। चुनाव के लिए चुनाव प्राधिकरण की नियुक्ति नहीं की गई थी और चुनाव कार्यक्रम भी घोषित नहीं किया गया। साथ ही राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को नामांकन दाखिल करने और मतदान करने का अवसर नहीं दिया गया।
इस मामले में सिंह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार, कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल तथा राष्ट्रीय महासचिव और चुनाव आयोग के नोडल अधिकारी बृजमोहन श्रीवास्तव को नोटिस भेजी है।
इस पूरे विवाद पर नाना पटोले ने दावा किया कि सुनेत्रा पवार को भेजी गई नोटिस पार्टी का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे राष्ट्रवादी कांग्रेस में मौजूद भाजपा के कुछ लोगों का हाथ हो सकता है।
सुनेत्रा पवार को दी गई नोटिस उनके पार्टी के अंदर का मामला है। इसके पीछे उनकी पार्टी में मौजूद भाजपा के कुछ लोग हैं। उन्हें स्लीपर सेल कहा जाता है। मुझे लगता है कि इनमें से किसी का इसमें हाथ हो सकता है।
सिंह ने 26 फरवरी को हुए चुनाव तथा उसके आधार पर तैयार पदाधिकारियों की सूची को अवैध घोषित करने की मांग की है। इसके अलावा चुनाव आयोग को भेजे गए पत्राचार को वापस लेने और पार्टी संविधान के अनुसार उचित चुनाव प्राधिकरण नियुक्त कर नए संगठनात्मक चुनाव कराने की मांग भी की गई है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर जवाब नहीं दिया गया या मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव आयोग अथवा न्यायालय में शिकायत की जाएगी।
सिंह इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के झारखंड प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं और करीब 15 वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं।