Mumbai University Ganeshotsav Beach Cleaning: गणेशोत्सव के बाद समुद्र तटों पर जमा कचरे को हटाने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग ने विशेष अभियान चलाया।
मुंबई, पालघर और आसपास के क्षेत्रों में 4,600 से अधिक स्वयंसेवकों ने करीब 45 टन कचरा एकत्र किया।
मुंबई, गणेशोत्सव के बाद मुंबई के समुद्र तटों और जलस्रोतों के आसपास जमा कचरे को हटाने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विभाग की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया गया। मुंबई, पालघर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इस अभियान में विश्वविद्यालय से जुड़े 150 से अधिक महाविद्यालयों के करीब 4,600 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
स्वयंसेवकों ने समुद्र तटों से करीब 45 टन प्लास्टिक, थर्माकोल और अन्य कचरा एकत्र किया। अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के बाद समुद्री और जल पर्यावरण में जमा कचरे को हटाने के साथ नागरिकों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
अभियान के तहत अक्सा समुद्र तट, दादर चौपाटी, गिरगांव चौपाटी, गोराई, उत्तन, नंदगांव, बोडीं, सुरुची, जुहू और वर्सोवा समेत कई स्थानों पर सफाई की गई। स्वयंसेवकों ने समुद्र तटों से प्लास्टिक, थर्माकोल और अन्य जमा कचरे को अलग-अलग एकत्र किया।
समुद्र तटों के अलावा उल्हास नदी और कुर्झ बांध सहित अन्य जलस्रोतों के आसपास भी सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर जमा कचरे को हटाकर आसपास के क्षेत्र को साफ किया गया।
बांद्रा के कार्टर रोड स्थित समुद्र तट और उससे सटे कांदला वन क्षेत्र में भी विशेष सफाई अभियान आयोजित किया गया। यहां करीब 2,000 NSS स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया और लगभग 3.5 टन प्लास्टिक व अन्य कचरा एकत्र किया।
अभियान में विभिन्न महाविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारी भी शामिल हुए। कार्टर रोड पर आयोजित सफाई अभियान के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कृष्ण प्रकाश, राज्य वन विभाग की वन क्षेत्र अधिकारी शीतल नागराले और मनपा के सहायक आयुक्त दिनेश पल्लेवाड सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुंबई विश्वविद्यालय की इस मुहिम को स्वच्छ वसुंधरा, फोर्ट फ्यूचर इंडिया और रीकैप फाउंडेशन सहित विभिन्न स्वयंसेवी और पर्यावरण संस्थाओं का सहयोग मिला। अभियान के जरिए गणेशोत्सव के बाद समुद्र तटों पर बढ़ने वाले कचरे को हटाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया गया।