Mumbai Toll Hike Heavy Vehicles: आज से मुंबई की सीमा पर स्थित पांच प्रमुख टोल नाकों पर भारी वाहनों के लिए टोल दरों में भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। आज से टोल दरों में 15 से 35 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी। इस फैसले से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे माल ढुलाई महंगी होगी।
आशंका जताई जा रही है कि इसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों और आम मुंबईकरों की जेब पर पड़ेगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के सलाहकार बल मलकित सिंह ने प्रस्तावित टोल शुल्क वृद्धि का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में विधानसभा चुनाव से पूर्व छोटे वाहनों को टोल शुल्क से छूट प्रदान की गई थी।
तब भारी वाणिज्यिक वाहनों को भी टोल शुल्क से छूट देने की मांग की थी। बढ़ी हुई इन टोल दरों के कारण मुंबई शहर में प्रवेश करने वाले भारी और मालवाहक वाहनों की परिवहन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
इसका सीधा असर माल ढुलाई के कुल खर्च पर पड़ेगा, जिससे आगे चलकर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं, सब्जियों, दूध और अन्य उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में भी तेजी आने की आशंका है। जानकारों का मानना है कि इस टोल बढ़ोतरी का अप्रत्यक्ष लेकिन गंभीर बोझ अंततः आम मुंबईकरों की जेब पर ही पड़ने वाला है।
चेंबूर शहर किशोर जायसवाल ने बाताया की नई संशोधित दरों के तहत मिनी बस और एलसीवी वाहनों के लिए टोल 75 रुपयेसे बढ़ाकर सीधे 90 रुपयेकर दिया गया है, यानी इसमें 15 रुपयेकी वृद्धि की गई है। इसी प्रकार ट्रक और बसों के लिए टोल 150 रुपयेसे बढ़ाकर 180 रुपयेनिर्धारित किया गया है, जिसमें 30 रुपयेकी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
भारी वाहनों पर टोल बढ़ाना बुलावा देना है। माल ढुलाई का बढ़ता खर्च आखिरकार हर जरूरी वस्तु को महंगा कर देगा, जिसका सबसे बड़ा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
जब सड़क निर्माण की मूल लागत वर्षों पहले वसूल हो है, तब भारी वाणिज्यिक वाहनों से टोल वसूलना अनुचित है। सरकार को छोटे वाहनों की तरह इन्हें भी पूरी छूट देनी चाहिए। टोल शुल्क में वृद्धि के कारण आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को रोका जाए।बल मलकित सिंह, सलाहकार एवं पूर्व अध्यक्ष (AIMTC)
बता दें कि शहर में यातायात जाम की समस्या को दूर कर यात्रा को सुगम और तेज बनाने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम यानी एमएसआरडीसी की ओर से कुल 55 फ्लाईओवर का निर्माण किया गया था।
इस भारी भरकम निर्माण खर्च की वसूली के लिए वाशी, ऐरोली, मुलुंड, एलबीएस और दहिसर टोल नाके स्थापित किए गए हैं, जिन पर यह टोल वसूली वर्ष 2027 तक लगातार जारी रहने वाली है।
अक्टूबर 2024 में राज्य सरकार ने हल्के वाहनों, बेस्ट की बसों, एसटी महामंडल और स्कूली वाहनों को टोल से पूरी तरह मुक्त कर दिया था। हालांकि, इसके बावजूद मिनी बस, हल्के वाणिज्यिक वाहन, ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों पर टोल का यह नियम पूरी तरह से लागू है।
तय नियमों के अनुसार हर तीन साल के अंतराल पर एमएसआरडीसी द्वारा टोल दरों में संशोधन किया जाता है। पिछली बार वर्ष 2023 में दरों में आंशिक बढ़ोतरी की गई थी, और अब तीन साल का चक्र पूरा होने के बाद नए सिरे से यह वृद्धि लागू की गई है।