Rajawadi Hospital Mumbai: मुंबई के घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल में उस वक्त मानवता शर्मसार हो गई, जब एक कलयुगी मां अपने चंद घंटे के कलेजे के टुकड़े को अस्पताल के एक सुनसान और ठंडे बाथरूम के फर्श पर तड़पने के लिए छोड़ गई। यह दिल दहला देने वाली घटना 25 मई की रात करीब 9 बजे की है।
वार्ड नंबर-40 के पास बने शौचालय से अचानक एक नवजात की सिसकियों ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। अस्पताल में मरीज से मिलने आए विष्णु श्रीराम पटेल के कानों में जब मासूम के रोने की आवाज सुनाई दी, तो उनका दिल बैठ गया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए दौड़कर कैजुअल्टी विभाग में तैनात तिलक नगर पुलिस के हवलदार जितेंद्र पाटिल को इसकी सूचना दी।
खबर मिलते ही पुलिस और नर्सिंग स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे, फिर बाथरूम का दरवाजा खोलते ही अंदर का खौफनाक मंजर देख सबकी रूह कांप उठी। बिना कपड़ों का एक बेबस नवजात बच्चा ठंडे फर्श पर बेसहारा पड़ा लगातार रो रहा था। अस्पताल की नर्सों ने तुरंत ममता दिखाते हुए मासूम को गोद में उठाया, उसे साफ किया और फौरन नवजात गहन चिकित्सा इकाई की तरफ दौड़ीं।
डॉक्टरों की मुस्तैदी और सही समय पर मिले इलाज के कारण इस नन्ही जान को बचा लिया गया। फिलहाल, डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम चौबीसों घंटे इस बच्चे की सेहत की निगरानी कर रही है और वह अब खतरे से बाहर है।
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प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में किसी महिला के प्रसव का उल्लेख नहीं मिला है। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात महिला ने अस्पताल के बाथरूम में बच्चे को जन्म देने के बाद उसे वहीं छोड़ दिया और चुपचाप फरार हो गई। मुंबई पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि बच्चे को जन्म देने वाली महिला की पहचान की जा सके। फिलहाल नवजात सुरक्षित है और पुलिस फरार महिला की तलाश में जुटी हुई है।