गड़चिरोली: अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत का आरोप; बिजली गुल होने से वेंटिलेटर बंद होने का दावा, हंगामा

Gadchiroli Health News: गड़चिरोली महिला एवं बाल अस्पताल में बिजली कटने और एम्बुलेंस की कमी से नवजात की मौत का आरोप। परिजनों ने वेंटिलेटर बंद होने को बताया कारण; अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को नकारा
Infant dies in Gadchiroli hospital; family alleges negligence due to power failure and lack of ambulance. Authorities deny claims as AAP demands a high-level inquiry.
नवजात शिशु (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Hospital Negligence News: गडचिरोली जिले के महिला एवं बाल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर खामियों के कारण एक नवजात शिशु की मौत होने का आरोप परिजनों ने लगाया है। परिवार का कहना है कि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हुई, और उपचार के दौरान बिजली गुल होने तथा इन्वर्टर खराब होने से वेंटिलेटर बंद हो गया, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण शिशु की मृत्यु हो गई। कुरखेडा तहसील के गेवर्धा निवासी संजना संदीप कुमरे 23 को प्रसव पीड़ा होने पर 11 मई को गडचिरोली स्थित महिला एवं बाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दोपहर करीब दो बजे उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के कुछ घंटों बाद ही शिशु की हालत बिगड़ने लगी। शाम साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए तुरंत चंद्रपुर रेफर करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि जिला मुख्यालय में भी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने 108 आपातकालीन सेवा से संपर्क किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि वाहन पहुंचने में कम से कम दो घंटे लगेंगे।

लगभग डेढ़ घंटे तक प्रतीक्षा के बाद भी एम्बुलेंस नहीं मिलने पर शिशु को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई SNCU में भर्ती कराया गया। इसी दौरान अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शिशु के पिता संदीप कुमरे के अनुसार लगभग डेढ़ घंटे तक बिजली नहीं थी और बैकअप के लिए लगा इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहा था। इससे वेंटिलेटर बंद हो गया और ऑक्सीजन की कमी के कारण शिशु की मौत हो गई।

अस्पताल की खामियां उजागर

इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने बिजली कटने और बैकअप व्यवस्था के बारे में डॉक्टरों से सवाल किया, तो उन्हें उचित जवाब नहीं मिला। हालांकि, संबंधित डॉक्टर से संपर्क करने का प्रयास सफल नहीं हो सका।

अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. प्रशांत पेंदाम ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शिशु का जन्म समय से पहले हुआ था और उसका वजन कम था, इसलिए उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी। उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई। यदि परिजनों के साथ संवाद में कोई कमी हुई है तो उसकी जांच की जाएगी।

इधर, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष नासिर हाशमी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले चंद्रपुर रेफर करने की सलाह दी गई और बाद में उसी अस्पताल में उपचार शुरू किया गया। यदि यहां उपचार संभव था तो रेफर का निर्णय क्यों लिया गया एम्बुलेंस क्यों उपलब्ध नहीं हुई उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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