Mira Road Attack: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे सटे मीरा रोड इलाके में हाल ही में हुई घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। जिसे शुरुआत में एक साधारण आपराधिक हमला माना जा रहा था, वह अब एक गहरी और खतरनाक आतंकी साजिश के रूप में उभर रहा है।
मुंबई के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में एक निर्माणाधीन स्थल पर दो सुरक्षा गार्डों, राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन, पर बेरहमी से चाकू से हमला किया गया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने हमला करने से पहले बाकायदा गार्डों का नाम पूछा और उनकी धार्मिक पहचान सुनिश्चित की। पुलिस जांच के अनुसार, अंसारी ने उनसे 'कलमा' पढ़ने को कहा और जब वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उसने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह घटना 'लोन-वुल्फ' (Lone-Wolf) हमले का सटीक उदाहरण है, जहाँ एक व्यक्ति अकेले ही कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित होकर वारदातों को अंजाम देता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच महाराष्ट्र एटीएस (Anti-Terrorism Squad) को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सोलापुर में मीडिया से बात करते हुए पुष्टि की कि यह 'सेल्फ-रेडिकलाइजेशन' का मामला है। आरोपी हाल ही में अमेरिका से भारत लौटा था। उसके घर की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक कट्टरपंथी साहित्य और किताबें बरामद हुई हैं, जो उसके जिहाद के नाम पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की मानसिकता को दर्शाती हैं।
यह भी पढ़ें: मीरा रोड हमले का ISIS कनेक्शन आया सामने, जानें कौन है आरोपी जैब जुबेर अंसारी और क्या था उसका मिशन
इसी बीच, मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे को भी दहलाने की धमकी मिली है। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे मुंबई रेलवे पुलिस के कंट्रोल रूम में एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान 'इरफान' बताई और दावा किया कि वह पाकिस्तानी नंबर से बात कर रहा है। उसने शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और एक कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी। इस धमकी के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), दादर, और बोरीवली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे शहर में 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां कॉल की लोकेशन और संदिग्ध के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।
ये दोनों घटनाएं बताती हैं कि तकनीक और सोशल मीडिया के दौर में कट्टरपंथ की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं। शासन और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा चक्र को और मजबूत किया जा रहा है।