मीरा रोड हमले का ISIS कनेक्शन आया सामने, जानें कौन है आरोपी जैब जुबेर अंसारी और क्या था उसका मिशन

Who Is Zaid Zubair Ansari: मुंबई के मीरा रोड में एक सनकी युवक ने दो सुरक्षा गार्डों पर उनका धर्म पूछकर जानलेवा हमला किया। आरोपी के पास से ISIS से जुड़े संदिग्ध नोट्स बरामद हुए हैं।
Mira Road Attack Who Is Zaid Zubair Ansari
मीरा रोड हमले का आरोपी जैब जुबेर अंसारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mira Road Attack ISIS Connection: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। एक उच्च शिक्षित युवक ने केवल मजहबी कट्टरता के चलते दो सुरक्षा गार्डों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले के तार अब वैश्विक आतंकी संगठन ISIS से जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

पुलिस के अनुसार, यह खौफनाक वारदात मीरा रोड स्थित एक निर्माणाधीन इमारत के पास हुई। आरोपी की पहचान जैब जुबेर अंसारी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने पहले गार्ड्स के पास जाकर उनसे रास्ता पूछा। कुछ देर बाद वह वापस लौटा और वहां तैनात गार्ड्स राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन से उनका मजहब पूछने लगा। आरोपी जैब ने गार्ड्स पर दबाव बनाया कि वे कलमा पढ़ें। जब गार्ड्स ने ऐसा करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उन पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दोनों गार्ड लहूलुहान होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

अमेरिका से लौटा साइंस ग्रेजुएट है आरोपी जैब जुबेर अंसारी

जांच में आरोपी के बारे में बेहद चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जैब जुबेर अंसारी एक साइंस ग्रेजुएट है और वह कई वर्षों तक अमेरिका में रह चुका है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में मनमाफिक नौकरी न मिलने के कारण वह 2020 में भारत लौट आया था। वह मीरा रोड में एक घर में अकेला रहता था और ऑनलाइन माध्यम से केमिस्ट्री की कोचिंग देता था।

ISIS में शामिल होना चाहता था जैब जुबेर अंसारी

पुलिस को आरोपी के घर की तलाशी के दौरान हाथ से लिखे कुछ संदिग्ध नोट्स मिले हैं। इन नोट्स में जैब ने आतंकी संगठन ISIS में शामिल होने की तीव्र इच्छा जाहिर की थी। उसने लिखा था कि गार्ड्स पर यह हमला उसके मिशन का पहला कदम है।

सुरक्षा एजेंसियां इसे एक 'लोन वुल्फ' (Lone Wolf) हमला मान रही हैं। यह पैटर्न पिछले साल कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले जैसा ही है, जहां आतंकियों ने पर्यटकों का मजहब पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। महाराष्ट्र एटीएस अब इस एंल से जांच कर रही है कि क्या जैब किसी विदेशी हैंडलर के संपर्क में था या वह इंटरनेट के जरिए खुद ही कट्टरपंथी (Self-Radicalized) बना था।