मुंबई माइक्रो ज़ोनिंग सर्वे (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

मुंबई में बदलेगी रेडी रेकनर व्यवस्था, झोपड़पट्टियों और हाईराइज इमारतों के लिए होंगी अलग दरें

Mumbai Micro Zoning Survey Update: मुंबई में माइक्रो जोनिंग सर्वे के जरिए संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन होगा, जिससे रेडी रेकनर दरों में पारदर्शिता और नागरिकों को राहत मिलेगी।

अपूर्वा नायक

Mumbai Micro Zoning Survey News: मुंबई में संपत्ति मूल्यांकन प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने शहर में माइक्रो जोनिंग सर्वेक्षण शुरू किया है, जिसके तहत एक ही इलाके में स्थित गगनचुंबी इमारतों और झोपड़पट्टियों के लिए अलग-अलग रेडी रेकनर दरें तय की जाएंगी।

इससे आम नागरिकों, मध्यमवर्गीय परिवारों और झोपड़पट्टीवासियों को संपत्ति लेन-देन में राहत मिलने की उम्मीद है। पीएम मोदी के कार्यकाल की एक खास अवधि पूरी होने पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह फ़ैसला किया है।

सुविधाओं और विकास के आधार पर तय होंगी दरें

बावनकुले ने बताया कि सीएम फडणवीस के निर्देश पर यह सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर की नियुक्ति की गई है। सर्वेक्षण में इलाके की सड़कें, परिवहन व्यवस्था, सामाजिक सुविधाएं, विकास स्तर और भू-उपयोग जैसी विशेषताओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन कर रेडी रेकनर की दरें तय की जाएंगी।

समान दरों से मिलने वाली परेशानी होगी खत्म

अब तक मुंबई के कई क्षेत्रों में झोपडपट्टिया, चॉले और ऊंची आवासीय इमारतें एक ही रेडी रेकनर जोन में होने के कारण समान दरों के दायरे में आती थीं। इससे कम आय वर्ग के लोगों को भी अधिक दरों का प्रभाव झेलना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इलाके की वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी, जिससे मूल्यांकन अधिक न्यायसंगत होगा।

मुंबई के आम नागरिकों को मिलेगी राहत

राजस्व विभाग इस योजना को सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अगले वित्त वर्ष से लागू करने की तैयारी कर रहा है। वर्ष 2027-28 के वार्षिक मूल्य दर निर्धारण में मुंबई के सिटी सर्वे नंबर और विकास के स्वरूप को आधार बनाया जाएगा। मुंबई में सफलता के बाद अगले दो वर्षों में राज्य के अन्य महानगरों में भी माइक्रो जोनिंग प्रणाली लागू की जाएगी।

जीआईएस तकनीक से तैयार होगा सटीक डेटा

पूरे महाराष्ट्र में शहरी, ग्रामीण और प्रभाव क्षेत्रों का सटीक डेटा जुटाने के लिए जीआईएस आधारित नक्शे तैयार किए जाएंगे, इससे संपत्ति पंजीकरण और मूल्य निर्धारण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी तथा वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकेंगी। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस निर्णय से रेडी रेकनर दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मुंबई जैसे महानगर में सामान्य नागरिकों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा झोपडपट्टी निवासियों को संपत्ति संबंधी लेन-देन में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

MLC Election काउंटिंग LIVE: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में मतगणना, यूपी की 11 सीटों पर नजर

चक्रवात अर्णव आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, 140 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, 12 विपक्षी पार्टियों की संयुक्त याचिका को साथ सुनेगा कोर्ट

गुवाहाटी फायरिंग पर उठ रहे सवाल! कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा पर साधा निशाना

तमिलनाडु की जेल में बड़ी सेंधमारी! पुलिस पर हमला करके 17 कैदी हुआ रफ्फू चक्कर, हो रही ताबड़तोड़ छापेमारी