

Maharashtra 10 New Departments: महाराष्ट्र की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और असरदार बनाने के लिए राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 10 नए सरकारी विभागों के गठन के साथ-साथ शिक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयकों को हरी झंडी दिखाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि कार्यकुशलता बढ़ाने और फैसलों में तेजी लाने के लिए विभागों की संख्या 33 से बढ़ाकर 43 की जाएगी। यह फैसला उन 13 मंत्रालयीन विभागों के पुनर्गठन से जुड़ा है जिसके तहत वर्तमान में एक ही विभाग के भीतर काम कर रहे उप-विभागों को अब स्वतंत्र विभागों में बदल दिया जाएगा। हालांकि, राज्य सरकार ने साफ किया है कि इस पुनर्गठन के तहत कोई भी नया पद नहीं बनाया जाएगा। इसके बजाय, विभागों को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने और त्वरित निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए उनके कामकाज और जिम्मेदारियों का दोबारा बंटवारा किया जाएगा।
कैबिनेट ने एकेडमिक ईयर 2026-27 के लिए महाराष्ट्र पब्लिक यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2016 में बदलावों को मंजूरी दी। इन बदलावों में राज्य में नए कॉलेजों को अंतिम मंज़ूरी देने के साथ-साथ विस्तार के तहत नए फैकल्टी, कोर्स, विषय और डिवीजन शुरू करने जैसे मामले शामिल हैं। इस फैसले के तहत, एक्ट के प्रावधानों के अनुसार नए कॉलेजों या कैंपस को स्थापित करने और उन्हें मंजूरी देने की समय-सीमा 30 जून 2026 तय की गई है। 2016 के एक्ट में प्रस्तावित यह विस्तार रामटेक स्थित कवि कुल गुरु कालिदास संस्कृत यूनिवर्सिटी पर भी लागू होगा।
कैबिनेट ने महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) की उधार लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट, 1961 में संशोधन को मंज़ूरी दे दी है। सरकार ने MIDC को पुरंदर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के मकसद से HUDCO से 6,000 करोड़ रुपए का लोन लेने की मंजूरी और गारंटी दे दी है। पुरंदर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके अलावा, राज्य भर में कई इंडस्ट्रियल एरिया, स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर ज़मीन अधिग्रहण का काम चल रहा है।
किसानों को उचित मुआवज़ा देने और नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स व इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कॉर्पोरेशन को अतिरिक्त फंड की ज़रूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए, कॉर्पोरेशन की मौजूदा उधार लेने की सीमा को बढ़ाने के लिए एक्ट के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई।