स्लम पुनर्वास प्राधिकरण 
मुंबई

मालाड में बिना CC निर्माण पर 1.67 करोड़ का जुर्माना, SRA कार्रवाई पर उठे सवाल

SRA Fine Developer Mumbai: मुंबई के मालाड में बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट निर्माण पर SRA ने 1.67 करोड़ का जुर्माना लगाया, लेकिन कार्रवाई की पारदर्शिता को लेकर RTI कार्यकर्ता ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai Malad Illegal Construction SRA Fine: मुंबई के मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित एकता सहकारी गृहनिर्माण संस्था में बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) के निर्माण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को 'नवभारत' द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब कार्रवाई भी सामने आई है।

संबंधित विकासक 'सिद्धिविनायक विकासक' से स्लम रिहेबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) ने रेगुलाइजेशन के नाम पर ₹1,67,71,000 का जुर्माना वसूला है। इस कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर प्रशासन की सक्रियता दिख रही है, वहीं दूसरी ओर कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता तिवारी ने उठाए सवाल

आरटीआई कार्यकर्ता बृजलाल तिवारी ने प्रेस परिषद के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्रवाई अधूरी है और इसमें पारदर्शिता की कमी नजर आती है। तिवारी के अनुसार, वर्ष 2024 में संबंधित विकासक को एमआरटीपी के तहत नोटिस जारी किया गया था।

बावजूद इसके, दो साल बीत जाने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हर बार मीडिया और नागरिकों को ही प्रशासन को जगाना पड़ेगा? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में विकासक और एसआरए अधिकारियों के बीच मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अवैध निर्माण-नियमन प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा

  • तिवारी का कहना है कि जब तक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उन अधिकारियों की जांच की जाए जो विकासकों को रेगुलाइजेशन के नाम पर लंबा समय देते हैं और समय पर कठोर कार्रवाई नहीं करते।
  • उनका मानना है कि ऐसी ढिलाई के कारण ही विकासकों के हौसले बुलंद होते हैं और वे बिना सीसी के इमारत खड़ी कर देते हैं। इस मामले ने एक बार फिर मुंबई में अवैध निर्माण और नियमन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए है।

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