

Mumbai News In Hindi: स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के तहत ऊंची इमारतों में पुनर्वासित परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मेंटेनेंस के बढ़ते खर्च को लेकर भाजपा विधायक अतुल भातखलकर द्वारा विधानसभा में रखे गए मुद्दे पर राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है।
इससे हजारों SRA निवासियों को आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है। विस में चर्चा के दौरान अतुल भातखलकर ने कहा कि SRA के तहत घर मिलने के बाद लोग ऊंची इमारतों में रहने को मजबूर हैं, जहां बिजली बिल और मासिक मेंटेनेंस खर्च आम स्लमवासियों की आर्थिक क्षमता से बाहर हो जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि डेवलपर द्वारा मेंटेनेंस के लिए दिए जाने वाले 40 हजार रुपये के कॉर्पस फंड पर मिलने वाला ब्याज इस खर्च को पूरा करने के लिए नाकाफी है। इस पर जवाब देते हुए राज्य मंत्री पंकज भोयर ने दो अहम निर्णयों की घोषणा की।
पहले निर्णय के तहत, सोसाइटी के मेंटेनेंस के लिए रखे जाने वाले कॉर्पस फंड की न्यूनतम राशि 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख से 1।5 लाख रुपये की जाएगी। यह राशि इमारत की ऊंचाई के अनुसार तय की जाएगी, जिससे भविष्य के खचों के लिए सोसाइटी को मजबूत वित्तीय आधार मिलेगा और निवासियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
दूसरे फैसले में बिजली खर्च को कम करने के लिए लिफ्ट और कॉमन एरिया में सोलर एनर्जी के उपयोग को अनिवार्य करने पर सहमति जताई गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब बिल्डिंग का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी करने से पहले सोलर पैनल लगाना जरूरी होगा।
इन फैसलों पर खुशी जताते हुए अतुल भातखलकर ने कहा कि सरकार ने SRA निवासियों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से समझा है और समय पर ठोस कदम उठाए हैं। यह निर्णय आम लोगों के हित में है और हजारों पुनवर्वासित परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देगा। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।