Mumbai Local Late News: सोमवार की सुबह जब सपनों के शहर मुंबई ने अपनी रफ़्तार पकड़ी, तो उसे पटरियों पर लगे 'ब्रेक' का सामना करना पड़ा। 30 मार्च 2026 की सुबह मुंबईकरों के लिए भारी मुश्किलों भरी रही, क्योंकि मध्य (Central) और पश्चिम (Western) दोनों ही रेलवे लाइनों पर लोकल ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शनिवार से जारी पटरियों के रखरखाव और तकनीकी कार्यों के कारण सोमवार को पीक आवर्स के दौरान दर्जनों ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जिससे दफ्तर जाने वालों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ और ट्रेनों की देरी के कारण अफरातफरी का माहौल बना रहा। बिना किसी पूर्व विस्तृत सूचना के अचानक ट्रेनों के कैंसिल होने से यात्रियों में गुस्सा और भ्रम की स्थिति देखी गई।
सेंट्रल रेलवे लाइन पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही। यहाँ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से करीब 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। कल्याण, ठाणे और कुर्ला जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भरे नजर आए। ट्रेनों के देरी से आने के कारण डिब्बों में पैर रखने की जगह भी नहीं बची, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए। रेलवे प्रशासन के अनुसार, पटरियों के काम के चलते कुछ खंडों पर स्पीड प्रतिबंध लगाए गए हैं।
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पश्चिम रेलवे पर भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। हालांकि यहाँ ट्रेनें 10 से 15 मिनट की देरी से चल रही हैं, लेकिन पीक आवर्स में कई महत्वपूर्ण फेरियों को रद्द किए जाने से यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया। चर्चगेट से विरार के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई। अंधेरी और दादर जैसे जंक्शनों पर यात्रियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
ट्रेनों के समय पर न चलने का असर सड़क यातायात पर भी देखने को मिला। ट्रेनों के विकल्प के रूप में यात्रियों ने जब बसों और टैक्सियों का रुख किया, तो वहाँ भी भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त सूचना के सोमवार जैसे कार्यदिवस पर इतने बड़े पैमाने पर काम नहीं किया जाना चाहिए था। इस देरी की वजह से कई लोग अपने गंतव्य पर घंटों की देरी से पहुँचे।