अवतार पूजा से शुद्धिकरण तक डिकोड हुई अशोक खरात के पाखंड की कोड लैंग्वेज, झूमर की लाइट का कोड वर्ड

Bhondu Baba Code Language: नासिक के अशोक खरात मामले में कोड लैंग्वेज का खुलासा। 'शुद्धिकरण' और झूमर की लाइट के संकेतों के जरिए होता था महिलाओं का यौन शोषण और करोड़ों की ठगी।
Bhondu Baba Code Language
Bhondu Baba Code Language (डिजाइन फोटो)
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Ashok Kharat Shuddhikaran Code: नासिक के स्वयंभू 'भोंदू बाबा' अशोक खरात के साम्राज्य का अंत होने के साथ ही उसके पापों की काली दुनिया के एक-एक पन्ने खुल रहे हैं। विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि खरात कोई साधारण ढोंगी नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी की तरह 'कोड लैंग्वेज' का इस्तेमाल करता था। मर्चेंट नेवी का पूर्व अफसर रहा यह शख्स अपनी केबिन के भीतर महिलाओं के यौन शोषण और व्यापारियों से ठगी के लिए खास संकेतों का सहारा लेता था, ताकि बाहर मौजूद स्टाफ को उसके हर घिनौने इरादे की खबर रहे।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, 'शुद्धिकरण' और 'अवतार पूजा' जैसे पवित्र शब्दों के पीछे छिपी दरिंदगी और धोखाधड़ी का चेहरा बेनकाब हो रहा है।

झूमर की लाइट: केबिन के अंदर 'नो एंट्री' का सिग्नल

अशोक खरात ने अपने आलीशान दफ्तर को किसी किले की तरह डिजाइन किया था। जांच में सामने आया है कि उसके केबिन में लगे झूमर की लाइट एक खास कोड वर्ड थी। जैसे ही कोई महिला भक्त 'शुद्धिकरण' के नाम पर केबिन के अंदर आती थी, खरात झूमर की लाइट बंद कर देता था। यह उसके स्टाफ के लिए सीधा संकेत था कि अब केबिन के अंदर 'नो एंट्री' है और कोई भी अंदर दखल न दे। इसी दौरान वह महिलाओं का यौन शोषण करता था। केबिन के कांच भी 'वन-वे' थे, जिससे खरात बाहर की हर हलचल देख सकता था, लेकिन बाहर से अंदर का कुछ भी नजर नहीं आता था।

'शुद्धिकरण' और 'अवतार पूजा' का खौफनाक सच

खरात ने अपने पाखंड को ढंकने के लिए धार्मिक शब्दावली का इस्तेमाल किया था। वह महिलाओं के साथ होने वाले गलत काम को 'शुद्धिकरण' कहता था, जिससे पीड़ित महिलाएं भी शुरुआत में इसे आध्यात्मिक प्रक्रिया मान बैठती थीं। वहीं, बड़े बिजनेसमैन और राजनेताओं को ठगने के लिए वह 'अवतार पूजा' शब्द का इस्तेमाल करता था। व्यापार में बाधाएं दूर करने और करोड़ों की सफलता दिलाने का झांसा देकर वह 'अवतार पूजा' के नाम पर भारी-भरकम फीस वसूलता था। अब तक खरात के खिलाफ 100 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें से 10 एफआईआर दर्ज हैं।

मर्चेंट नेवी अफसर से 'कैप्टन बाबा' बनने का सफर

अशोक खरात मूल रूप से सिन्नर तालुका के कहंदलवाड़ी का रहने वाला है। वह मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुका है और दावा करता है कि उसने 154 देशों की यात्रा की है। 22 साल की नौकरी के बाद नासिक लौटकर उसने खुद को कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट और न्यूमेरोलॉजिस्ट घोषित कर दिया। अपनी भविष्यवाणियों और प्रभावी बातचीत के दम पर उसने रसूखदार लोगों के बीच अपनी पैठ बनाई। हालांकि, 18 मार्च 2026 को एक महिला द्वारा 3 साल तक बलात्कार के आरोप लगाने के बाद इस 'कैप्टन' का मुखौटा उतर गया और अब वह पुलिस की गिरफ्त में है।

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