Goregaon Ram Mandir Station: गोरेगांव पूर्व में राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास सार्वजनिक शौचालय में दो युवकों की मौत के मामले में एफआईआर में दर्ज जानकारी से घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
एफआईआर के अनुसार शौचालय की पाइप लाइन में डाले गए रसायन से जहरीली गैस बनने और उसके फैलने की आशंका जताई गई है।
इस घटना में आर्यन अनिल देसाई और प्रभाकर जगदीश धीवर की मौत हुई, जबकि शौचालय के बाहर एक बिल्ली भी मृत पाई गई। एफआईआर के मुताबिक 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे दोनों युवक राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास स्थित सार्वजनिक शौचालय गए थे। कुछ समय बाद उन्हें वहां बेहोशी की हालत में पाया गया।
शौचालय का दरवाजा खोलने की कोशिश की गई और अंदर आर्यन अनिल देसाई बेहोश मिले। घटना के दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति को तेज दुर्गध/गैस के कारण उल्टी होने की बात भी एफआईआर में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
दोनों युवकों को तत्काल जोगेश्वरी ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि साई इलेक्ट्रोप्लेटर्स कंपनी, गाला नंबर 19 और 20 (ए), पूजा गैराज, शिवशंकर नगर-2, मुंबई शहर के राम मंदिर रोड, गोरेगांव पूर्व के पास स्थित एक गड्डे/सेसपूल में इस्तेमाल किए गए रसायन सार्वजनिक शौचालय की जल निकासी पाइपलाइन तक पहुंचे।
आरोप के अनुसार रसायन के कारण जहरीली गैस बनी और वह पाइपलाइन के रास्ते शौचालय में फैल गई। गैस सांस के माध्यम से दोनों युवकों के शरीर में पहुंचने से उनकी मौत होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने इस मामले में गाला के मालिक नवीनचंद्र भाई चावड़ा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। एफआईआर में रामधनी यादव और संबंधित कामगार/प्रबंधक की भूमिका का भी उल्लेख है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
घटना को लेकर आरपीआई (अठावले) समूह ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने वनराई पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दी और आरोप लगाया कि पास के सेसपूल में जहरीले रसायनों के इस्तेमाल के कारण दोनों युवकों की जान गई।
आरपीआई प्रतिनिधिमंडल ने सेसपूल के मालिक और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संगठन ने पुलिस को 24 घंटे की समयसीमा देते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर वनराई पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस घटना ने रिहायशी इलाके में औद्योगिक रसायनों के इस्तेमाल, सेसपूल संचालन और सार्वजनिक शौचालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट से होना बाकी है।