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मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन पर शाम करीब 6:55 से 7 बजे के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के पास टिकट जांच के दौरान विवाद हुआ।
टिकट जांच कर्मचारी जिग्नेश वसंतलाल भावसार ने एक पुरुष और महिला यात्री से टिकट मांगा। आरोप है कि पुरुष ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया, लेकिन वैध पहचान पत्र नहीं दिखाया।
शिकायत के मुताबिक, रोके जाने पर पुरुष यात्री ने टिकट जांच कर्मचारी के साथ मारपीट की। महिला पर भी गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप है।
Mumbai CSMT Railway Station: छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। रेलवे कर्मचारी बनकर बिना वैध टिकट यात्रा करने का प्रयास करने के आरोप में एक पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
मिली जानकारी घटना शाम करीब 6.55 से 7 बजे के बीच सीएसएमटी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के पास कॉनकोर्स में हुई। टिकट जांच कर्मचारी जिग्नेश वसंतलाल भावसार ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने एक पुरुष और महिला यात्री से यात्रा टिकट दिखाने को कहा। जांच के दौरान पुरुष यात्री ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया।
जब उन्होंने उनसे रेलवे पहचान पत्र या नौकरी का वैध प्रमाण मांगा, तो उसने कथित तौर पर दस्तावेज दिखाने से इनकार कर दिया और वहां से भागने की कोशिश की। उसे रोकने के प्रयास के दौरान पुरुष यात्री ने कर्मचारी के साथ मारपीट की। आरोप है कि महिला यात्री ने भी गाली-गलौज करते हुए कर्मचारी के साथ मारपीट की।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों और अन्य रेलवे कर्मचारियों की मदद से दोनों यात्रियों को रेलवे पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उनकी पहचान ऋषिकेश संजय पवार (24) और निकिता ऋषिकेश पवार (23) के रूप में हुई है। मध्य रेल के मुताबिक, दोनों रेलवे कर्मचारी होने का प्रमाण और यात्रा के लिए वैध टिकट या अन्य प्राधिकार प्रस्तुत नहीं कर सके।
टिकट जांच कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के मामले में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में भारतीय रेल अधिनियम, 1989 की धारा 137, 138 और 145 के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 115(2) और 3(5) के तहत भी कार्रवाई की गई है।