Mumbai BMC Marathi Signboard Drive Action: मुंबई मनपा क्षेत्र में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर मराठी में बोर्ड न लगाने पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक कुल 811 दुकानों पर कानूनी कार्रवाई की है। मनपा ने हाल ही में 14 मई से 26 मई 2026 के बीच विभिन्न विभागों में की गई कार्रवाई की आधिकारिक रिपोर्ट जारी की है।
इस बीच, मनपा की अपील के बावजूद जो दुकानदार मराठी बोर्ड लगाने में टालमटोल कर रहे हैं, उन्हें अब "शिवसेना स्टाइल" में सबक सिखाया जाएगा। ऐसी चेतावनी उप महापौर संजय घाड़ी ने दी है। कार्रवाई की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होती है। पहले बीएमसी नोटिस भेजती है।
जवाब नहीं मिलने पर प्रति पंजीकृत प्रतिष्ठान पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है और सात दिनों के भीतर नया बोर्ड लगाने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद भी पालन नहीं होने पर बीएमसी स्थानीय अदालत में मामला दर्ज कर व्यवसाय निलंबित करने की मांग करती है।
30,443 दुकानों की जांच की गई मनपा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मुंबई के विभिन्न हिस्सों में कुल 30,443 दुकानों की जांच की गई। इनमें से 29,632 दुकानों पर मराठी नामपट्टियां नियमों के अनुरूप पाई गई, जबकि बाकी दुकानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया।
इस अभियान की शुरुआत 14 मई 2026 को 'ए' विभाग से हुई, जहां 3,455 दुकानों की जांच की गई। इनमें से 3,342 दुकानों पर मराठी बोर्ड पाए गए, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाली 113 दुकानों पर कार्रवाई की गई।
इसके बाद 15 मई को 'बी/दक्षिण' विभाग में 2,868 दुकानों में से 92 और 16 मई को 'बी' विभाग में 2,983 दुकानों में से 91 दुकानों पर मराठी में बोर्ड नहीं मिले, अभियान को आगे बढ़ाते हुए 18 मई को 'जी उत्तर', 'एम पश्चिम' और 'टी' विभागों की 4,160 दुकानों की जांच की गई, जिसमें 115 दुकानों पर कार्रवाई की गई।
वहीं 19 मई को 'डी', 'के पश्चिम' और 'एस पश्चिम विभागों की 4,163 दुकानों में से 116 दुकानों को दोषी पाया गया। 20 मई को 'जी दक्षिण', 'के पूर्व' और 'एन' विभागों की 3,174 दुकानों में से 89 दुकानों पर मराठी बोर्ड नहीं पाए गए।
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