Mumbai Airport Airside Expansion MIAL Investment: बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए मुंबई एयरपोर्ट अपनी एयरसाइड क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है। एयरपोर्ट संचालक मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) करीब 2,000 करोड़ रुपए निवेश कर रहा है।
योजना के तहत पीक आवर में एयरक्राफ्ट मूवमेंट को मौजूदा 46 से बढ़ाकर 55 प्रति घंटे करने का लक्ष्य है। प्रस्तावित निवेश का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे (एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने में किया जाएगा।
इसमें नए टैक्सीवे, एप्रन एरिया के विस्तार और विमानों की आवाजाही से जुड़े दूसरे ढांचागत सुधार शामिल हैं। इसका मकसद व्यस्त समय में विमानों के संचालन को ज्यादा सुचारु बनाना और एयरपोर्ट की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाना है।
मुंबई एयरपोर्ट पर स्लॉट की सीमित उपलब्धता लंबे समय से विमानन कंपनियों के लिए चुनौती रही है। ऐसे में अतिरिक्त एयरक्राफ्ट मूवमेंट की क्षमता मिलने से पीक आवर में उड़ानों के संचालन के लिए ज्यादा गुंजाइश बन सकती है।
एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के पुनर्विकास की योजना भी इस विस्तार का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक टर्मिनल-1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 से शुरू होने की संभावना है। इससे यात्रियों के लिए सुविधाओं और टर्मिनल की परिचालन क्षमता में भी सुधार की उम्मीद है।
मुंबई शहर के विमानन ढांचे में इस विस्तार का महत्व इसलिए भी है क्योंकि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के साथ मुंबई महानगर क्षेत्र में एयर ट्रैफिक का वितरण भी बदलने वाला है।
अभी कितनी आवाजाही ?
एमआईएएल के अनुसार मौजूदा क्षमता करीब 46 एयरक्राफ्ट मूवमेंट/घंटा है। प्रति घंटे औसतन लगभग 23 उड़ानें आती और 23 उड़ाने जाती हैं।
वास्तविक संचालन कितना?
2025 में मुंबई एयरपोर्ट ने कुल 3,31,011 एयर ट्रैफिक मूवमेंट संभाले। सालाना औसत करीब 38 मूवमेंट/घंटा, लेकिन पीक आवर में क्षमता लगभग 46-47 तक पहुंचती है।
जरूरत कितनी है?
अब 55 मूवमेंट/ घंटा की क्षमता चाहिए। टैक्सीवे, एप्रन और अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 2,000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित
55 का मतलब?
55 मूवमेंट/ घंटा का अर्थ करीब 27-28 एराइवल्स + 27-28 डिपार्चर्स प्रति घंटे की संयुक्त क्षमता होगा।
हीचो की मौजूदा वार्षिक सीमा 4.8 लाख एयर
ट्रांसपोर्ट मूवमेंट है, यानी करीब 1,315 प्रति दिन।