

Mumbai Airport T1 Reconstruction Schedule: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (T1) के पुनर्निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने एयरलाइंस को अपने कुछ परिचालन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने का विकल्प दिया है।
टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के दौरान मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह विकल्प महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
T1 के पुनर्निर्माण का काम जनवरी 2027 से शुरू होने की संभावना है। नए टर्मिनल के 2029-30 तक तैयार होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत मौजूदा टर्मिनल को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान यात्रियों और एयरलाइंस के परिचालन को प्रभावित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
MIAL ने एयरलाइंस को 25 अक्टूबर से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने का विकल्प दिया है। एयरलाइंस अपनी जरूरत और परिचालन योजना के अनुसार कुछ सेवाओं को नवी मुंबई स्थानांतरित कर सकती हैं। इसके अलावा, जिन सेवाओं को तत्काल स्थानांतरित करना संभव नहीं होगा, उनके लिए अस्थायी रूप से परिचालन रोकने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य T1 के पुनर्निर्माण के दौरान मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों और यात्रियों के दबाव को नियंत्रित करना है। एयरलाइंस को अपने शेड्यूल, विमान संचालन और यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकल्प चुनना होगा।
टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की योजना पहले 2025 में शुरू की जानी थी। हालांकि, उस समय वैकल्पिक एयरपोर्ट सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना को आगे बढ़ा दिया गया था। अब नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उपलब्ध होने से मुंबई एयरपोर्ट के कुछ परिचालन को वहां स्थानांतरित करने का विकल्प सामने आया है।
T1 के पुनर्निर्माण के दौरान मुंबई एयरपोर्ट के अन्य टर्मिनलों और रनवे संचालन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में कुछ उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने से परिचालन को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है। इससे यात्रियों की आवाजाही और उड़ानों के शेड्यूल को संभालने में भी सुविधा हो सकती है।
एयरलाइंस के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितनी उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाएगा। पुनर्विकास पूरा होने के बाद T1 के नए स्वरूप में तैयार होने से मुंबई एयरपोर्ट की यात्री और परिचालन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।