बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Air Pollution BMC Action: बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद शहर में प्रदूषण पर निगरानी के लिए बनी हाई पॉवर कमेटी की चौथी बैठक में पूर्वी उपनगर के वार्ड अधिकारियों को बुलाया गया। पिछली बैठक में पश्चिमी उपनगर के वार्ड अधिकारियों को बुलाया गया था।
बैठक में वायु प्रदूषण के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कमेटी सदस्यों ने वार्ड अधिकारियों से कहा कि अगर स्टॉप वर्क नोटिस के बाद भी कोई बिल्डर निर्माण कार्य जारी रखता है तो उसको बीएमसी विभाग से मिली विभिन्न मंजूरी को रद्द कर दो। यही नहीं अगर इसके बाद भी वह नहीं मानता है तो पुलिस की मदद लो और काम बंद करवा दो। सदस्यों ने कहा कि वायु प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन कराना वार्ड अधिकारी की जिम्मेदारी है।
नियमों का उल्लंघन होने पर अधिकारियों को भी नोटिस
- हाई पॉवर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि प्रत्येक वार्ड अधिकारियों को अपने वार्ड में प्रदूषण को कम करने, नोटिस भेजने व अन्य जो भी काम करें उसका साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार कर कमेटी को सौंपे। सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर समिति इलाके के निर्माणाधीन स्थलों का मुआयना करेगी।
- अगर वायु प्रदूषण नियमों का उल्लंघन पाया गया तो वार्ड अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। इसके अलावा बार-बार उल्लंघन करने वालों बिल्डर पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
काम जारी रखने पर मनपा ने जताई नाराजगी
- अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1888 के तहत जारी किया गया है। इसके बावजूद डेवलपर द्वारा काम जारी रखने पर बीएमसी ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाल ही में 7 मार्च को किए गए निरीक्षण में भी निर्माण कार्य जारी पाया गया, जो नियमों की खुली अवहेलना दर्शाता है। बीएमसी ने संबंधित विभागों को पत्र लिखकर डेवलपर, आर्किटेक्ट और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- साथ ही स्थानीय पुलिस को भी निर्देशित किया गया है कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे सभी लोगों को हटाया जाए, ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके। बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि तुरंत काम नहीं रोका गया तो कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन अब निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।