Maharashtra MPSC Paper Leak Controversy: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार ने आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, उन्हें तत्काल सचिव पद का प्रभार दूसरे अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और MPSC परीक्षार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद सामने आया। छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ कार्रवाई सहित कई मांगें रखी थीं। सरकार ने सचिव के तबादले की मांग पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
सरकार ने केवल सचिव के तबादले तक ही फैसला सीमित नहीं रखा है। MPSC के पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों तथा सदस्यों के कामकाज की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार यह जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जानी है।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक के बाद परीक्षार्थियों का विरोध तेज हुआ था। इस मामले में परीक्षा रद्द की गई और पुलिस जांच भी जारी है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पुणे शहर सहित विभिन्न स्थानों पर परीक्षार्थियों ने प्रदर्शन किया।
छात्रों ने MPSC अध्यक्ष को भी पद से हटाने की मांग रखी थी। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष का पद संवैधानिक है और उन्हें हटाने की प्रक्रिया संविधान के तहत निर्धारित है। इस बीच सरकार ने सचिव के खिलाफ कार्रवाई और आयोग के कामकाज की न्यायिक जांच का फैसला किया है।
सरकार ने परीक्षार्थियों को यह भी आश्वासन दिया है कि MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन जारी रहेंगी। साथ ही आने वाले वर्षों की रिक्तियों और भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही गई है।