नागपुर MLC चुनाव: देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी समर्थकों में फंसा पेच, क्या BJP देगी नया सरप्राइज

Nagpur Graduate MLC Election: नागपुर स्नातक सीट पर बीजेपी में खींचतान तेज। फडणवीस के पसंदीदा कोहले और गडकरी के करीबी सोले के नाम पर फंसा मामला। RSS के दखल के बाद नए चेहरे के कयास।
BJP Candidate Tussle
देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरीसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

BJP Candidate Tussle: नागपुर शहर विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए नामांकन की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर उम्मीदवारों के नाम पर खींचतान तेज हो गई है।

पार्टी के 2 दिग्गजों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समर्थकों के बीच उम्मीदवारी को लेकर जबरदस्त रस्साकशी जारी है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री फडणवीस अपने करीबी सुधाकर कोहले के नाम पर अड़े हुए हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पहली पसंद अनिल सोले बने हुए हैं।

चुनाव वरिष्ठ नेताओं की बैठक लेकिन सहमति नहीं

दोनों गुटों में से किसी के पीछे न हटने के चलते अब चर्चा है कि भाजपा नए चेहरे को सामने लाकर 'सरप्राइज' कर सकती है। वरिष्ठ नेताओं की बैठक लेकिन सहमति नहीं रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद थे।

हालांकि इस बैठक से स्थानीय कोर समिति के सदस्यों, प्रमुख सुधाकर कोहले को लेकर अपना पक्ष रखा। इसके कारण उम्मीदवारी फाइनल नहीं हो पाई है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि टकराव को टालने के लिए किसी अन्य को मौका दिया जा सकता है।

MLC चुनाव में अंदरूनी गुटबाजी आई सामने

सुचाकर कोहले का पक्ष: जब सुधाकर कोहले को मतदाता पंजीकरण प्रमुख नियुक्त किया गया था तब चंद्रशेखर बावनकुले नै कथित तौर पर उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। कोहले समर्थकों का दावा है कि उनका टिकट लगभग तय है।

पदाधिकारियों और विधायकों को दूर रखा गया। माना जा रहा है कि बैठक में उम्मीदवारी को लेकर गंभीर चर्चा हुई लेकिन पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार नाम पर अंतिम मुहर अब तक नहीं लग सकी है।

अनिल सोले का शक्ति प्रदर्शन

चंद्रशेखर बावनकुले के इस कदम से भाजपा का एक बड़ा वर्ग नाराज हो गया जिसने पूर्व महापौर और एमपलमी अनिल सोले को मैदान में उतरने के लिए तैयार किया, सीले के 67वें जन्मदिन के अवसर पर नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन कर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया गया। सोले का कहना है कि ये भी मतदाता पंजीकरण प्रमुख थे लेकिन उन्हें उम्मीदवारी नहीं दी गई थी। ऐसे में प्रमुख नियुक्त होने से दावेदारी नहीं बनती है।

हालांकि जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर में मौजूद थे तब भी वे खोले के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। साथ ही भाजपा के कई पदाधिकारियों और पार्षदी ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, इसके बाद से ही उम्मीदवारी को लेकर अनिश्चितता का माहौल और महरा गया।

BJP Candidate Tussle
महाराष्ट्र का अपना इन-हाउस बैंक, 35 लाख करोड़ के इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार, जानिए पूरी योजना

RSS पदाधिकारियों के साथ भी बैठक

सुर्वे के अनुसार भाजपा नेताओं की बैठक के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चुनिंदा वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ भी एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में दीनों दावेदारी के नाम और पार्टी के भीतर बड़ रहे असंतोष को लेकर चर्चा की गई, ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।

भाजपा फिर करेगी सरप्राइज

भाजपा अक्सर ऐन मौके पर नए और अप्रत्याशित उम्मीदवारों को टिकट देकर चौंकाने के लिए जानी जाती है। चूंकि गड़करी गुट अनिल सोले के नाम पर कायम है और मुख्यमंत्री फडणवीस सुधाकर कोहले के नाम पर अड़े हुए है।

ऐसे में दोनों पक्षों की खींचतान के बीच किसी तीसरे या नए चेहरे को मौका मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि नए चेहरे के तौर पर अभी किसी का नाम खुलकर सामने नहीं आया है लेकिन पार्टी के अंदर कई अन्य दावेदार भी कतार में है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com