MPSC 65000 Posts Recruitment Process: महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के बढ़ते आक्रोश और पुणे में 26 सितंबर से बड़े आंदोलन की दी गई चेतावनी के बाद राज्य सरकार तुरंत हरकत में आ गई है।
पुणे में प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों द्वारा फिर से आंदोलन का ऐलान किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासनिक तंत्र को मुस्तैद करते हुए राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े 65,000 से अधिक पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने के सख्त आदेश जारी किए हैं।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा प्रणाली और लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं के कारण परीक्षार्थियों में भारी गुस्सा व्याप्त था। हाल ही में औषधि निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर से विश्वास डगमगा गया था।
इसी असंतोष के बीच छात्र प्रतिनिधियों और विधायक रोहित पवार ने पुणे पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर 26 सितंबर से गणेश विसर्जन के बाद अलका टॉकीज चौक, अहिल्या अभ्यासिका अथवा एस.एम. जोशी पुल क्षेत्र में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया था। छात्रों की मुख्य मांगों में MPSC के अध्यक्ष का इस्तीफा और 70,000 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करना शामिल है।
छात्रों के आक्रोश और प्रस्तावित आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर विस्तृत चर्चा की। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हेतु एक SIT के गठन की घोषणा की है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित सरकारी विभागों को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अपने रिक्त पदों का मांगपत्र तुरंत MPSC को सौंपें ताकि भर्ती प्रक्रिया में कोई विलंब न हो।
महाराष्ट्र राज्य के प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 65,866 पद खाली हैं, जिनमें से लगभग 46,464 पद MPSC के माध्यम से भरे जाने प्रस्तावित हैं।
जल आपूर्ति विभाग: इस विभाग में सबसे अधिक 8,652 पद रिक्त हैं, जिनके लिए MPSC को मांगपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग: यहां 7,898 पद खाली हैं, जिनमें से अधिकांश पदों के लिए प्रस्ताव आयोग को भेजा जा चुका है।
गृह और राजस्व विभाग: गृह विभाग में खाली पदों में से लगभग 65 प्रतिशत (1,400 पद) और राजस्व विभाग के 4,770 पदों में से 17% पदों के लिए मांगपत्र सौंपे गए हैं।
वित्त, विधि व तकनीकी शिक्षा: वित्त विभाग के 3,184 पद, विधि एवं न्याय विभाग के 2,000 पद, तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के 1,500 पद रिक्त हैं।
कृषि और PWD विभाग पर नाराजगी: कृषि विभाग में 6,000 पद खाली हैं, लेकिन विभागीय संरचना मंजूर न होने से प्रस्ताव अटका हुआ है। वहीं PWD में लगभग 1,500 पद खाली होने के बावजूद प्रस्ताव न भेजे जाने पर मुख्यमंत्री ने भारी नाराजगी जताई और तुरंत रिपोर्ट मांगी है।
MPSC के अलावा अन्य माध्यमों से भी राज्य में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अंतर्गत पुलिस प्रशासन द्वारा 16,896 पुलिस कांस्टेबलों की सीधी भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 'पवित्र पोर्टल' के माध्यम से शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवा) वी. राधा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी विभागों से विवरण जुटाया जा रहा है और जल्द ही विभागवार सटीक आंकड़े पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगे।