नासिक सिन्नर में बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, सोयाबीन-मक्का की फसलें बर्बादी की कगार पर, आर्थिक संकट

Nashik Sinnar Crop Drought: नासिक के सिन्नर में बारिश की कमी से सोयाबीन और मक्का की फसल प्रभावित हुई है। किसानों को सोयाबीन उत्पादन में 40-50% गिरावट की आशंका है।
Nashik Sinnar Drought Soybean Crop
सिन्नर में बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंतासोर्स: सोशल मीडिया
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Nashik Sinnar Drought Soybean Crop: सितंबर में बारिश की लंबी खींचतान से नासिक के सिन्नर तहसील में खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है। पूर्वी क्षेत्र में सोयाबीन और मक्का की फसलें प्रभावित हैं। किसानों को सोयाबीन उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका है।

बारिश थमने से सोयाबीन पर संकट

सितंबर में बारिश का लंबा अंतराल अब सिन्नर तहसील के किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। खासकर पूर्वी क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर बारिश की कमी का सीधा असर दिखाई देने लगा है। सोयाबीन इस समय फलियां भरने और पकने के बेहद महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण कई जगह खड़ी फसल सूखने लगी है।

किसानों के अनुसार, खरीफ सीजन की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से फसलों की बढ़त बेहतर रही थी। इससे इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी थी। लेकिन फलियां बनने के महत्वपूर्ण समय पर बारिश रुक जाने से परिस्थितियां बदल गई हैं। मिट्टी की नमी लगातार कम होने के कारण सोयाबीन के पत्ते पीले पड़ रहे हैं। फलियों में दाने भरने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से दाने छोटे रहने और उत्पादन घटने की आशंका है।

40 से 50 फीसदी उत्पादन घटने का डर

बारिश की कमी का असर उत्पादन पर कितना पड़ेगा, इसे लेकर किसान चिंतित हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो सोयाबीन की पैदावार में 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। इससे खरीफ सीजन में किसानों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

मक्का की फसल भी प्रभावित

सोयाबीन के साथ मक्का की फसल भी पानी के अभाव से प्रभावित हो रही है। भुट्टे भरने के चरण में नमी नहीं मिलने से पौधों की वृद्धि प्रभावित होने लगी है। किसानों ने बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर काफी खर्च किया है। ऐसे में फसल कमजोर होने से लागत निकलना भी मुश्किल होने की चिंता है।किसानों की नजर अब आसमान पर

स्थानीय किसान कैलाश नाजगड ने बताया कि सोयाबीन फलियां भरने के नाजुक चरण में है और पानी नहीं मिलने से पौधे सूख रहे हैं। उनके मुताबिक उत्पादन आधा रह जाने का खतरा है। दातली क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Nashik Sinnar Drought Soybean Crop
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किसानों की नजर अब आसमान पर

नासिक शहर के किसान कैलाश नाजगड ने बताया कि सोयाबीन फलियां भरने के नाजुक चरण में है और पानी नहीं मिलने से पौधे सूख रहे हैं। उनके मुताबिक उत्पादन आधा रह जाने का खतरा है। दातली क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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