MMRDA JE Exam Result Controversy: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की जूनियर इंजीनियर (जेई) भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित अनियमितता के आरोप लगाए हैं। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की जा रही है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले को उठाया है। दिपके के अनुसार, कई परीक्षार्थियों ने उनसे संपर्क कर एमएमआरडीए जेई भर्ती लगाया जा रहा है कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले कुछ अभ्यर्थी एमएमआरडीए की परीक्षा में सीधे टॉपर बन गए।
इसके अलावा, परिणाम में शामिल कई टॉपर एक ही परीक्षा केंद्र से होने का दावा भी किया जा रहा है। इन दावों के सामने आने के बाद परीक्षार्थियों के बीच परीक्षा परिणाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
एमएमआरडीए जेई भर्ती 2026 के तहत विभिन्न इंजीनियरिंग पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस भर्ती में 104 पद शामिल थे। परीक्षा 11 और 12 मई 2026 को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई थी।
सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए हजारों विद्यार्थी वर्षों तक कड़ी मेहनत और तैयारी करते हैं।
ऐसे में यदि परीक्षा परिणाम की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इसका सीधा असर परीक्षार्थियों के विश्वास पर पड़ता है।
इसलिए एमएमआरडीए और संबंधित परीक्षा एजेंसी से इन आरोपों को गंभीरता से लेने की अपेक्षा की जा रही है।
परीक्षा केंद्रवार परिणाम, अभ्यर्थियों के पिछले प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रदर्शन, अंकों में अचानक हुई बढ़ोतरी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जानकारियों की जांच की जाए तो आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने प्राप्त अंकों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। चर्चा है कि कुछ उम्मीदवारों को 190 से अधिक अंक मिले हैं।
इनमें से कुछ उम्मीदवारों के पहली बार परीक्षा में शामिल होने का दावा भी किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में अभिजीत दिपके ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है।