Eknath Shinde Mumbai MMR One Hour Travel Vision: मुंबई और महानगर क्षेत्र में एक स्थान से दूसरे स्थान तक एक घंटे में पहुंचने की योजना पर काम किया जा रहा है। एक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कंक्रीट सड़कों समेत कई परियोजनाओं पर काम जारी है। शिंदे ने 701 किलोमीटर लंबे समृद्धि महामार्ग को महाराष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि इस महामार्ग से मुंबई और नागपुर के बीच यात्रा का समय कम हुआ है।
उनके अनुसार, परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों के खातों में जमीन हस्तांतरण के करीब दो घंटे के भीतर मुआवजे की राशि जमा की गई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में परियोजना को लेकर विरोध और अविश्वास था। इसके बावजूद लोगों का भरोसा हासिल कर काम पूरा किया गया। अब महामार्ग के दोनों ओर उद्योग और बहुराष्ट्रीय कंपनियां आने लगी हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का दावा किया गया।
डीसीएम शिंदे ने कहा कि समृद्धि महामार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्यबल बनाया गया है। इसका उद्देश्य लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकना है। शक्तिपीठ महामार्ग के विरोध पर शिंदे ने कहा कि सरकार परियोजना को लोगों पर थोपेगी नहीं। स्थानीय लोगों की सहमति के बाद ही आगे बढ़ने की बात उन्होंने कहीं।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बाताया की अश्विनी वैष्णव मुंबई में मौजूदा रेलवे सिस्टम भरोसेमंद है। लेकिन इसे अब और मॉडर्न टेक्नोलॉजी से अपग्रेड किया जाएगा। मुंबई सबअर्बन रेलवे की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करीब 18,000 करोड़ रुपए के कई काम चल रहे हैं। अभी रोजाना चलने वाली करीब 3,200 लोकल ट्रेनों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके 2030 तक 3,500 करने का लक्ष्य है।
शिंदे ने कहा कि मुंबई और एमएमआर की यातायात समस्या दूर करने के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। ठाणे में समूह विकास योजना से पुरानी और खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 1।60 लाख लोगों ने मराठी सीखी है। अमराठी ऑटो चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त समय सीमा दी गई है। गणेशोत्सव को लेकर उन्होंने लोगों से उत्सव के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 2029 तक मुंबई की सभी लोकल ट्रेनें मेट्रो जैसी बनाने की योजना है। इनमें बंद होने वाले दरवाजे और वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि वातानुकूलन के बावजूद द्वितीय श्रेणी का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा।