147 स्थानकों का PPP मॉडल से पुनर्विकास, एसटी के बस स्टैंड की इमारतें हों आयकॉनिक, डीसीएम शिंदे का निर्देश

Maharashtra PPP Model: महाराष्ट्र में एसटी महामंडल के 147 बस स्टैंड और जमीनों का PPP मॉडल से पुनर्विकास किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बस स्टैंड की इमारतों को ‘आइकॉनिक’ बनाने के निर्देश दिए।
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कैबिनेट बैठक(सोर्सः सोशल मीडिया)
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ST Bus Stand Redevelopment Maharashtra: महाराष्ट्र के ग्रामीण भागों की जीवनरेखा कही जाने वाली एसटी महामंडल की जमीनों का अब PPP यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए विकास होगा। मंगलवार को एक समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इन जगहों पर बनने वाले नए बस स्टैंड और इमारतें न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से युक्त हों बल्कि 'आयकॉनिक' हों।

सह्याद्री अतिथिगृह में एसटी की जमीनों के विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विस्तार से चर्चा की। इस दौरान परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद थे।

'महाराष्ट्र एसटी 2.0' के तहत होगा बदलाव

बैठक में एसटी महामंडल के प्रबंध निदेशक माधव कुसेकर ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि एसटी रोजाना करीब 55 लाख यात्रियों का परिवहन करती है। बेड़े में 15,500 से ज्यादा बसें हैं और पूरे राज्य में बस स्टैंड और आगारों का बड़ा नेटवर्क है। लेकिन कई बस स्टैंड की इमारतें 40 साल से ज्यादा पुरानी हैं। पुरानी सुविधाओं के कारण यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने में दिक्कत आ रही है। इसीलिए 'महाराष्ट्र एसटी 2.0' के तहत आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बस स्टैंड विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

पहले चरण में 147 प्रोजेक्ट

पहले चरण में 147 बस स्टैंड और एसटी की जमीनों का PPP मॉडल पर विकास किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक बस पोर्ट, यात्री सुविधाएं, कार्यालय, अस्पताल, सिनेमा हॉल, नागरिक सेवा केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके अलावा सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा और एसटी की इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग चार्जिंग व्यवस्था भी बनाई जाएगी। इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ऊर्जा खर्च व कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।

जमीन की मालिकी एसटी के पास

इस मॉडल में एसटी महामंडल की जमीन की मालिकी एसटी के पास ही रहेगी। जमीन स्थायी रूप से ट्रांसफर नहीं की जाएगी। विकास का 100% खर्च डेवलपर करेगा, इसलिए सरकार या महामंडल पर आर्थिक बोझ नहीं आएगा। डेवलपर से एसटी को अग्रिम प्रीमियम और नियमित वार्षिक किराया मिलेगा। PPP प्रक्रिया में पारदर्शी ई-निविदा, एस्क्रो अकाउंट से फंड नियंत्रण, सुरक्षा जमा और 5 साल का दोष दायित्व काल रखा गया है।

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गुजरात-कर्नाटक मॉडल का अध्ययन

महाराष्ट्र के बस स्टैंड के पुनर्विकास के लिए गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के आधुनिक बस पोर्ट का अध्ययन किया गया है। साथ ही कर्नाटक KSRTC की प्रीमियम सेवा, ई-टिकट, ऑनलाइन बुकिंग और कर्मचारी प्रोत्साहन प्रणाली का भी अध्ययन हुआ है।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि इन 147 प्रोजेक्ट से एसटी को व्यावसायिक हिस्सेदारी मिलेगी और शाश्वत आय का स्रोत बनेगा। इसका इस्तेमाल बुनियादी सुविधाओं और भविष्य के नए उपक्रमों के लिए होगा। परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि एसटी की जमीनों का विकास सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधा और शहरों को आकर्षक इमारतें देने वाला होना चाहिए। बैठक में बोरिवली और सातारा के दहिवडी प्रोजेक्ट के डिजाइन भी पेश किए गए।'

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