मीरा भाईंदर महानगरपालिका   सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

मीरा-भाईंदर में विधायक निधि से खरीदी गई कचरा गाड़ियां डिपो में फांक रही धूल, RTO पंजीकरण न होने से खड़ा विवाद

Mira Bhayandar: मीरा-भाईंदर में विधायक प्रताप सरनाईक की निधि से खरीदी गई छोटी कचरा गाड़ियां घोड़बंदर डिपो में बंद पड़ी हैं। RTO रजिस्ट्रेशन न होने और वाहनों में जंग लगने पर विवाद बढ़ा।

रूपम सिंह

Mira Bhayandar Municipal Corporation: मीरा-भाईंदर शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिवहन मंत्री एवं विधायक प्रताप सरनाईक की विशेष निधि से उपलब्ध कराई गई करीब 12-13 छोटी कचरा संग्रहण गाड़ियां लंबे समय से घोड़बंदर बस डिपो में खड़ी हैं।

आरोप है कि इनका नियमित उपयोग अब तक शुरू नहीं हुआ है और वाहनों का आरटीओ में पंजीकरण भी नहीं कराया गया है।

खुले में खड़े वाहनों पर जंग का खतरा

लंबे समय से खुले में खड़े रहने के कारण इन वाहनों पर धूल जम रही है। आसपास पानी जमा होने से वाहनों के हिस्सों में जंग लगने की स्थिति भी बन रही है। नागरिकों का कहना है कि समय पर इस्तेमाल नहीं होने से वाहनों के खराब होने का खतरा बढ़ रहा है।

झुग्गी-बस्तियों में हो सकता है उपयोग

छोटी और संकरी सड़कों वाले झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के लिए इन वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऐसे इलाकों में बड़े कचरा वाहनों की पहुंच सीमित रहती है। ऐसे में छोटी गाड़ियां सफाई व्यवस्था में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग

शिवसेना (शिंदे) के शहर प्रमुख सचिन मांजरेकर ने कहा कि विशेष निधि से खरीदी गई घंटा गाड़ियों का उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है। यदि वाहन लंबे समय से उपयोग के बिना खड़े हैं और उनका आरटीओ पंजीकरण भी नहीं हुआ है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

तत्काल सफाई में लगाने की मांग

शिवसेना (शिंदे) प्रवक्ता रामभवन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। उन्होंने इन वाहनों को तत्काल झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के लिए लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर शिवसेना पदाधिकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

खरीद और पंजीकरण पर मांगा स्पष्टीकरण

इन वाहनों की खरीद लागत, आरटीओ पंजीकरण की स्थिति, रखरखाव और अब तक उपयोग नहीं किए जाने के कारणों को लेकर मीरा-भाईंदर मनपा प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। अब सवाल यह है कि सार्वजनिक निधि से उपलब्ध कराई गई इन गाड़ियों को नियमित रूप से सफाई व्यवस्था में कब उतारा जाएगा।

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