मंत्री नितेश राणे (सौजन्य-एएनआई) 
मुंबई

'...अपने मुल्ले-मौलवियों को बोलो', राणे का यह बयान महाराष्ट्र में कराएगा घमासान!

Nitesh Rane on Marathi Language: महाराष्ट्र में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के मंत्री नितेश राणे अपने विवादित बयान से चर्चा का विषय बन गए है। उनके इस बयान के बाद राज्य में फिर घमासान शुरू हो गया है।

प्रिया जैस

Nitesh Rane on Marathi Language: भारतीय जनता पार्टी के मंत्री नितेश राणे अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा का विषय बन जाते है। लेकिन इस बार जो उन्होंने बयान दिया है वो राज्य में घमासान कराने के लिए काफी है। दरअसल, विधानमंडल के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए मंत्री नितेश राणे ने एक विवादित बयान दिया है।

महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा विवाद हाल ही में गरमाया हुआ था। अब कांग्रेस ने राज्य में लोगों को मराठी सिखाने के लिए पाठशाला शुरू करने की अपील की है। इसी पर मंत्री नितेश राणे का एक विवादित बयान सामने आया, जो कि विपक्ष के लिए करारा झटका था। मंत्री नितेश राणे ने कहा है कि मराठी सिखाने के लिए पाठशाला की जरूरत नहीं है।"

नितेश राणे का विवादित बयान

कांग्रेस द्वारा मराठी पाठशाला शुरू करने पर मंत्री नितेश राणे ने कहा, पाठशाला बनाने की बजाय मदरसे में मराठी पढ़ाओ। ये सबसे आसान है। महाराष्ट्र में बहुत मदरसे है, वहां उर्दू की जगह मराठी  शुरू करो। इससे आपकी मेहनत कम हो जाएगी। आपको क्यों सिर्फ मीडिया में आने के लिए नौटंकी करने की जरूरत है। आपके मुल्ले-मौलवियों को बोलो अच्छी तरह से मदरसे में सिखाओ। हमको भी समझ में आएगा कि मदरसा सच्ची में पढ़ाई के लिए है। वरना उधर फोकट में गन ही तो मिलती है।"

नितेश राणे को रोहित पवार का जवाब

मंत्री नितेश राणे के बयान पर एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार का कहना है, "वह अपने वरिष्ठ नेताओं से फोन पर निर्देश मिलने के बाद ही बयान देते हैं। वह शायद ही कभी अपनी समझ का इस्तेमाल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि वहां बंदूकें या बम हैं, तो उनके पास गृह मंत्रालय का पोर्टफोलियो है, आगे बढ़ें और जांच करें।"

वारिस पठान ने दिया जवाब

नितेश राणे के इस बयान के बाद राज्य में घमासान की गूंज शुरू हो गई। मंत्री राणे के इस विवादित बयान के बाद एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने नितेश राणे को तगड़ा जवाब दिया और उन्हें धमकी भी दी। मंत्री नितेश राणे के मदरसों में मराठी पढ़ाने संबंधी बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, "महाराष्ट्र में कुछ भाजपा नेता धर्म और भाषा के नाम पर नफरत फैला रहे हैं और अशांति पैदा कर रहे हैं। ऐसे लोगों को रोकना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।"

राज्य में शुरू घमासान

ये पहली बार नहीं है कि भाजपा मंत्री नितेश राणे ने विवादित बयान दिया है। इससे पहले भी उन्होंने भाषा विवाद पर कई विवादित बयान दिए थे, जिसके कारण वे चर्चाओं में रहे है। आपको बता दें, कि महाराष्ट्र में सरकार के राज्य की स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू किए जाने के फैसले से शुरू हुआ था। जो राज्य में मनसे और यूबीटी के मोर्चे के बाद खत्म हुआ था। लेकिन अब राणे के बयान पर आगे भी बयानबाजी होने के संकेत साफ दिखाई जा रहे है।

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