Mumbai MHADA Lottery House Returns: मुंबई में घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इतना ही नहीं उपनगरों में भी घर खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में कई लोग किफायती घरों के लिए म्हाडा पर निर्भर हैं। म्हाडा ने हाल ही में 2,640 घरों के लिए लॉटरी निकाली थी। हालांकि, इस लॉटरी के करीब 850 से 900 विजेताओं ने घर लेने से इनकार कर दिया है। म्हाडा की 2,640 घरों की लॉटरी में इतने बड़े पैमाने पर विजेताओं द्वारा घर लौटाए जाने से आश्चर्य जताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि घरों की कीमतें बजट से बाहर होने के कारण कई विजेताओं ने यह फैसला लिया। बड़ी संख्या में घरों के अस्वीकार होने से अब प्रतीक्षा सूची के विजेताओं के लिए घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि लॉटरी के कितने घर वास्तव में खाली रह जाते हैं। विजेताओं को 9 सितंबर तक समय म्हाडा ने विक्रोली, गोरेगांव, बोरीवली, चेंबूर, बांद्रा, घाटकोपर, गिरगांव, वडाला और पवई में 2,640 घरों के लिए लॉटरी निकाली थी।
6 अगस्त को लॉटरी निकलने के बाद विजेताओं को घर स्वीकार करने या नहीं करने के लिए दो बार समय बढ़ाया गया। इसके बावजूद 850 से अधिक विजेताओं ने घर अस्वीकार कर दिए, जबकि 50 से 60 विजेताओं ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इसलिए इन विजेताओं को 9 सितंबर तक की अंतिम समय-सीमा दी गई है।
एक से अधिक घर निकलना
घरों की कीमत बजट से बाहर होना
लोकेशन पसंद नहीं आना
पैसों की व्यवस्था नहीं हो पाना
म्हाडा मुंबई मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर ने कहा है कि मार्च 2027 तक मुंबई में करीब 3 से 4 हजार घरों की लॉटरी निकाली जाएगी। इन घरों की उपलब्धता अगले एक से डेढ़ साल में लोगों को कराने की योजना है। पिछली लॉटरी में 2,500 घरों के लिए करीब 75 हजार आवेदन मिलने से म्हाडा के घरों की भारी मांग का भी पता चलता है। बोरीकर से एक कार्यक्रम में मुंबई में आगामी लॉटरी को लेकर सवाल पूछा गया।
इस पर उन्होंने बताया कि पिछले महीने म्हाडा ने 2,500 घरों के लिए लॉटरी निकाली थी, जिसमें करीब 75 हजार आवेदन प्राप्त हुए। मार्च 2027 तक करीब 3 से 4 हजार घरों की लॉटरी निकालने की उम्मीद है। इन घरों को अगले एक से डेढ़ वर्ष में लोगों को उपलब्ध कराने की योजना है।
केंद्र सरकार की नीति के अनुसार राज्य सरकार ने एमएमआर रीजन को ग्रोथ हब घोषित किया है। 5 वर्षों में यहां 30 लाख घर उपलब्ध कराने की योजना राज्य सरकार की ओर से बनाई गई है। म्हाडा भी परियोजनाओं के माध्यम से अगले पांच वर्षों में यानी वर्ष 2030 तक एमएमआर रीजन में करीब 8 लाख किफायती घर उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है।