महिलाओं के आरक्षित टॉयलेट से बाहर निकलता पुरुष  (सोर्स: नवभारत फोटो)
मुंबई

महिलाओं के लिए आरक्षित टॉयलेट में घुस रहे पुरुष! APMC मार्केट में बेसिक सुविधाओं की खुली पोल

Vashi APMC Market Toilet Issue: वाशी APMC मार्केट में महिलाओं के आरक्षित टॉयलेट पर पुरुषों के कब्जे से सुरक्षा पर उठे सवाल। प्रशासन की बैठकों और नोटिस के बाद भी बदहाली जारी।

गोरक्ष पोफली

Men Using Women Reserved Toilets: वाशी स्थित एपीएमसी मार्केट में महिलाओं के लिए बनाए गए टॉयलेट का इस्तेमाल पुरुष कर रहे हैं। जिसकी वजह से यहां पर महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर हो गया है। एपीएमसी की सब्जी, फल, मसाला, अनाज और प्याज-आलू मंडियों में हर दिन हजारों व्यापारी, कुली, ट्रांसपोर्टर, महिला कर्मचारी, ग्राहक और किसान आते-जाते हैं।

इतने व्यस्त मार्केट में साफ, सुरक्षित टॉयलेट एक बेसिक जरूरत है। मार्केट के व्यापारियों का आरोप है कि महिलाओं को अभी भी उक्त सुविधा के लिए यहां संघर्ष करना पड़ता है। सबसे गंभीर बात यह है कि कुछ जगहों पर महिलाओं के लिए रिजर्व टॉयलेट का इस्तेमाल पुरुष कर रहे हैं।

आरक्षित टॉयलेट में पुरुषों की एंट्री और सुरक्षा पर सवाल

बताया जाता है कि सब्जी और फल मंडियों में महिलाओं के लिए 24 घंटे खुले रहने वाले टॉयलेट में भी पुरुष मौजूद रहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और कुछ महिला ग्राहकों के अनुसार टॉयलेट से पुरुष बाहर निकलते दिखते हैं, जबकि अंदर भी पुरुष ही कब्जा जमाए हुए हैं। कुछ जगहों पर यह कहा जाता है कि टॉयलेट में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग एंट्री न होने के कारण दोनों एक ही तरह से आते-जाते हैं।

अगर दीवार पर स्टीकर लगा हो कि यह महिलाओं के लिए रिजर्व है, लेकिन असल में इसका इस्तेमाल पुरुष करते हैं, तो महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है। यह सवाल उठता है।

निगरानी के लिए नहीं है कोई व्यवस्था

मिली जानकारी के अनुसार सब्जी और फल मंडी में 10 पब्लिक टॉयलेट, मसाला मंडी में 21 पब्लिक और 1 एक्सेसिबल टॉयलेट, प्याज-आलू मंडी में 7 पब्लिक और 2 एक्सेसिबल टॉयलेट और अनाज मंडी में 2 पब्लिक और 2 एक्सेसिबल टॉयलेट हैं। इसके अलावा अतिरिक्त दुकान-कम-गोदाम एरिया में 7 पब्लिक टॉयलेट हैं। इन सभी जगहों पर कुल 52 टॉयलेट रजिस्टर्ड हैं।

हालांकि सिर्फ टॉयलेट की संख्या ही काफी नहीं है, बल्कि वे रेगुलर काम कर रहे हैं या नहीं, साफ हैं या नहीं, पानी मिलता है या नहीं और महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित इंतजाम हैं या नहीं, इसकी निगरानी करने के लिए मार्केट में कोई व्यवस्था नहीं है।

मीटिंग, नोटिस के बाद भी कोई सुधार नहीं

मिली जानकारी के अनुसार शौचलयों और अन्य सुविधाओं के मामले में एपीएमसी प्रशासन की तरफ से अलग-अलग विभागों की मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस, मैराथन मीटिंग, निर्देश, नोटिस और मेमो का सिलसिला देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद भी महिलाओं के लिए सफाई, पानी, मेंटेनेंस और बेसिक सुविधाओं का मुद्दा अभी भी बना हुआ है।

बर्थडे पर खून न बहाए हेमंत सोरेन! प्रदर्शन में शामिल हुए देवेंद्र नाथ महतो ने की अपील, बोले- जंतर-मंतर जैसे...

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में छात्रों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल, सड़कों पर उतरे हजारों छात्र

20 दिन में दूसरी बार पीएम मोदी से मुलाकात, सुप्रिया सुले की बैठक पर गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति

इधर छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, उधर हिरासत में लिए गए BJP नेता, रांची में बने जंतर-मंतर जैसे हालात! VIDEO

एक तरफ PM मोदी से मुलाकात, दूसरी तरफ CM फडणवीस के संग जयंत पवार ने की हवाई यात्रा, महाराष्ट्र बढ़ा सियासी पारा