Manoj Jarange Mumbai March Warning: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल ने जालना के अंतरवाली सराटी में एक बार फिर अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने इस 12वें अनशन को निर्णायक आमरण अनशन घोषित किया है।
इससे राज्य सरकार का टेंशन काफी बढ़ गया है। जरांगे ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगें तत्काल नहीं मानी गईं, तो मराठा समाज सीधे मुंबई की ओर कूच करेगा। उनके इस आर-पार की लड़ाई के अल्टीमेटम के बाद अब पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन की आग तेजी से फैलने लगी है।
मनोज जरांगे ने सरकार को चेतावनी दी है कि यह उनका आखिरी आंदोलन है। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण नहीं मिला तो 6 करोड़ मराठा नागरिक 45 लाख वाहनों के साथ मुंबई पहुंचेंगे। फिर मुंबई का चाहे जो हो, वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल मराठा समाज ने लंबे समय तक चलनेवाले आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली है।
कई आंदोलनकारी एक महीने का राशन लेकर अंतरवाली सराटी पहुंच रहे हैं। जरांगे ने साफ कहा है कि मुंबई में मुख्यमंत्री के 'वर्षा' बंगले पर भी आंदोलन किया जाएगा।
जरांगे ने सभी राजनीतिक नेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें, अन्यथा आगामी चुनावों में उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा। जरांगे के अनशन पर बैठते ही राज्यभर में इसका असर दिखने लगा है। छत्रपति संभाजीनगर के सिल्लोड में रास्ता रोको आंदोलन किया गया।
मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज होने लगे हैं। सोलापुर जिले के माढा में एक आंदोलनकारी ने सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल की गाड़ी रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वहीं, मनोज जरांगे पाटिल के अनशन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। जालना जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। एहतियाती कदम के तौर पर करीब 1,700 पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
पुलिस प्रशासन आंदोलन की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बंदोबस्त किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।