Tender Scam Allegations 5426 Crore Claims: मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल अपने पूर्व सहयोगियों के कारण लगातार विवादों में घिर रहे हैं।
अजय बारस्कर और रेखा कोंडे ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंसों में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील पर करोड़ों रुपये के घोटाले और भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
बारस्कर ने जरांगे को 'संघर्ष योद्धा' के बजाय 'टेंडर योद्धा' बताते हुए इस पूरे मामले के सबूत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपने का ऐलान किया है।
बुधवार को मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में बारस्कर ने कहा कि मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के जरिए मनोज जरांगे के सिंडिकेट ने 5,426 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए। उन्होंने 3,770 करोड़ रुपये के घोटाले और माणिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को 635 करोड़ का काम देने पर सवाल उठाया।
जरांगे के साले विलास खेडकर रेत चोरी में शामिल हैं। संजय कटारे ने मार्च 2023 में चार करोड़ रुपये से अधिक की रेत चुराई। ठेकेदार किशोर बलांडे जरांगे का पार्टनर है। उन्होंने दस्तावेज ईडी को सौंपने की बात कही और जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा न मिलने की शिकायत की।
बारस्कर ने जरांगे के भतीजे स्वस्तिक की जमीन खरीद और अप्पासाहेब कुढेकर के नाम पर 98 एकड़ जमीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अशोक चव्हाण से बंद कमरे की चर्चा पर भी सवाल किया।
रेखा कोंडे ने पुणे में कहा कि 2023 से 2026 के बीच करीब 11 अनशन हुए, पर समाज को क्या मिला। उन्होंने युवाओं पर दर्ज मामलों और आत्महत्याओं का जिक्र किया। उन्होंने दो करोड़ रुपये के डिफेंडर वाहन के स्रोत की जांच मांगी और सबूत सामने लाने का दावा किया।
कोंडे ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग के खिलाफ सिंहगड थाने में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। उन्होंने छत्रपति भवन के फंड पर भी सवाल उठाया और दो दिन में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस व गृहमंत्री से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग करने की बात कही।