

14 MLAs 2 MPs Cannot Vote In Graduate Election: नागपुर विभाग स्नातक (पदवीधर) निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इस बार अजीब स्थिति बनी है। इस क्षेत्र के 14 विधायक और 2 सांसद मतदान नहीं कर पाएंगे।
इनमें भाजपा के चंद्रशेखर बावनकुले, कांग्रेस के नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार भी शामिल हैं। इनकी कम शैक्षणिक योग्यता इसकी वजह है, क्योंकि इस चुनाव में केवल स्नातक ही मतदाता बन सकते हैं।
आमतौर पर विधानपरिषद चुनावों में विधायक ही मतदान करते हैं। लेकिन स्नातक क्षेत्र के नियमों के मुताबिक मतदाता का स्नातक होना जरूरी है। नागपुर विभाग के 32 में से 14 विधायक स्नातक नहीं हैं।
इनकी पढ़ाई दसवीं, बारहवीं या कॉलेज के पहले-दूसरे वर्ष तक ही हुई है। जिले की राजनीति की बागडोर संभालने वाले ये जनप्रतिनिधि खुद इस चुनाव के मतदाता नहीं हैं।
चंद्रशेखर बावनकुले, नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार के अलावा पूर्व मंत्री धर्मरावबाबा आत्राम भी नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। वहीं, सांसदों में रामटेक के श्याम कुमार बर्वे और राज्यसभा सदस्य माया इवनाते का नाम भी इस सूची में शामिल है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए मतदाता का निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करना अनिवार्य है। इसी नियम के कारण ये जनप्रतिनिधि इस चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। खास बात यह है कि ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाते हैं, लेकिन इस चुनाव की मतदाता सूची में पात्र नहीं हैं।
नागपुर जिले में कृष्णा खोपड़े सातवीं, चरण सिंह ठाकुर बारहवीं और मोहन मते आईटीआई तक पढ़े हैं। प्रवीण दटके के पास डिप्लोमा प्रथम वर्ष और चंद्रशेखर बावनकुले के पास बी.एससी. प्रथम वर्ष की शिक्षा है। चंद्रपुर के वडेट्टीवार और किशोर जोरगेवार दसवीं पास हैं।
भंडारा के राजू कारेमोरे बारहवीं पास हैं, जबकि पटोले बी.ए. द्वितीय वर्ष तक पढ़े हैं। गोंदिया के विनोद अग्रवाल और संजय पुराम बारहवीं पास हैं। गढ़चिरौली के आत्राम दसवीं तक पढ़े हैं।
वर्धा के समीर कुणावार बारहवीं पास हैं और राजेश बकाने ने बी.ए. प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की है। सांसद इवनाते पांचवीं तक और बर्वे बी.ए. द्वितीय वर्ष तक पढ़े हैं।