Mumbai Manoj Jarange Protest : मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई आंदोलन की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। मुंबई पुलिस ने 19 सितंबर को आजाद मैदान में प्रस्तावित आमरण अनशन और आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पुलिस ने दक्षिण मुंबई में संभावित भीड़, यातायात और गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले असर का हवाला दिया है।
मनोज जरांगे पाटिल की ओर से आंदोलन के लिए पुलिस से अनुमति मांगी गई थी। साथ ही पुलिस की ओर से तय शर्तों का पालन करने का लिखित आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, आजाद मैदान पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से दक्षिण मुंबई के सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। स्कूल, अस्पताल, व्यापारिक प्रतिष्ठान, न्यायपालिका, सार्वजनिक परिवहन और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पुलिस ने जताई है।
पुलिस ने जरांगे के पिछले मुंबई आंदोलन का भी हवाला दिया है, जब बड़ी संख्या में मराठा प्रदर्शनकारी मुंबई की सड़कों पर पहुंचे थे। इसके अलावा इस समय गणेशोत्सव के चलते शहर में पहले से ही बड़ी भीड़ और यातायात का दबाव रहने की बात पुलिस ने कही है। ऐसे में बड़े आंदोलन को अनुमति देने से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती बढ़ने की आशंका जताई गई है।
पुलिस के फैसले के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि वे अपना मुंबई जाने का फैसला नहीं बदलेंगे। हालांकि, उन्होंने मराठा समाज से फिलहाल मुंबई नहीं आने की अपील की है।
जरांगे ने कहा कि वे मुंबई अकेले जाएंगे और उनके साथ सिर्फ 2 गाड़ियां और करीब 10 लोग होंगे। उन्होंने कहा कि मराठा समाज के लोगों को सही समय पर मुंबई बुलाया जाएगा। उनका कहना है कि तय मार्ग और पहले से निर्धारित मुकाम के अनुसार ही वे आगे बढ़ेंगे।
मनोज जरांगे ने यह भी कहा कि लाखों लोगों के लिए होने वाला खर्च अब बचेगा और पहले से जमा किया गया पैसा व सामग्री बाद में समाज के काम आएगी।
जरांगे पाटिल ने आंदोलन में लोगों को घुसाकर दंगा कराने की साजिश का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सरकार पर देवदेवताओं और गणेशोत्सव के बहाने आंदोलन को रोकने का आरोप लगाया और कहा कि वे मुंबई जाकर देखेंगे कि उन्हें कैसे रोका जाता है।
जरांगे ने अपनी तबीयत को लेकर भी बयान दिया। उनके अनुसार, वे उपोषण के 16वें दिन हैं और उन्होंने सलाइन तथा पानी बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है और कभी भी कुछ हो सकता है। ये दावे जरांगे के बयान पर आधारित हैं।
अब मुंबई पुलिस की अनुमति के बाद भी जरांगे मुंबई पहुंचते हैं या नहीं और आगे आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।