एकनाथ सिंदे, मनोज जरांगे और विजय वडेट्टीवार (सोर्सः एआई)
मुंबई

मराठा आंदोलन के बाद मनोज जरांगे पर सवालों की बौछार, 1,400 करोड़ के ठेकों से लेकर शिंदे के खिलाफ साजिश का आरोप

Maratha Quota Stir Contract Allegations: मराठा आरक्षण आंदोलन स्थगित होने के बाद मनोज जरांगे पर आरोपों का दौर तेज है। वडेट्टीवार ने 1,400 करोड़ के कथित ठेकों पर सवाल उठाए, सामंत ने सबूत मांगे।

आलोक उमाकृष्ण

Manoj Jarange Maratha Reservation: मराठा आरक्षण को लेकर 19 दिनों तक चले अपने अनशन को स्थगित करने के बाद मनोज जरांगे पाटील चौतरफा आरोपों में घिर गए हैं। जरांगे को अब आंदोलन के उद्देश्य और सरकार से हुए समझौते को लेकर कई तरह के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

मराठा समन्वयक व अभ्यासक डॉ. संजय लाखे पाटील ने एकनाथ शिंदे के खिलाफ साजिश का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने जरांगे के करीबियों को मिले कथित 1,400 करोड़ रुपए के ठेकों को लेकर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक दस्तावेज सामने नहीं रखे गए हैं।

विजय वडेट्टीवार का दावा

वडेट्टीवार ने दावा किया कि जरांगे के करीबी लोगों को करीब 1,400 करोड़ रुपए के काम मिले थे। इनमें सिंचाई विभाग के काम भी शामिल होने का उन्होंने आरोप लगाया। उनके अनुसार, कुछ कामों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रोक लगाई थी।

उन्होंने सवाल किया कि क्या इन कामों पर रोक लगने की नाराजगी के कारण जरांगे ने आंदोलन शुरू किया और बाद में सरकार से समझौता किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ करीबियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच शुरू होने की बात सामने आई है।

उदय सामंत का पलटवार

वडेट्टीवार के आरोपों पर मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उनके पास यदि ठेकों या किसी समझौते से जुड़े ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। सामंत ने कहा कि केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती।

उन्होंने कहा कि सरकार जरांगे की मांगों पर लगातार चर्चा कर रही थी। गणेशोत्सव के दौरान लोगों को परेशानी न हो, इसलिए आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। सरकार और जरांगे के बीच बातचीत को किसी ठेके से जोड़ना उचित नहीं है।

शिंदे के खिलाफ साजिश का आरोप

दूसरी तरफ डॉ. संजय पाटील ने आरोप लगाया कि लीलावती अस्पताल में जरांगे के बेटे के भर्ती रहने के दौरान एकनाथ शिंदे के खिलाफ राजनीतिक साजिश रची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जरांगे का आंदोलन मराठा आरक्षण से ज्यादा राजनीतिक उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि सामाजिक आंदोलन की आड़ में शिंदे की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील पर जरांगे को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए विखे पाटील के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और मंत्रिमंडल की उपसमिति से इस्तीफा देने की मांग की।

बारस्कर ने भी उठाए सवाल

मराठा आरक्षण के अध्येता अजय बारस्कर ने जरांगे से उनके बेटे के महंगे मोबाइल, आंदोलन के दौरान ठेकेदारों की मौजूदगी और किशोर बलांडे की कंपनी को मिले कथित ठेकों को लेकर सवाल पूछे। उन्होंने जरांगे को सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी।

हाईलाइट्स

  1. मनोज जरांगे का 20 दिन का अनशन 90 दिन के लिए स्थगित।

  2. वडेट्टीवार ने करीब 1,400 करोड़ के कथित ठेकों पर सवाल उठाए।

  3. सामंत ने कहा, आरोपों के समर्थन में सबूत सार्वजनिक किए जाएं।

  4. लाखे पाटील ने शिंदे के खिलाफ राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया।

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